गौशाला भवन में शनिवार को रामलीला के दूसरे दिन रावण और वेदवती संवाद का मंचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संजीव गोयल प्रबंधक डीके स्कूल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान रामलीला में हो रहे कार्यक्रम को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
कुशध्वज ऋषि कन्या वेदवती मार्ग से भटकी हुई जंगल में भ्रमण कर रही थी। तभी इसी दौरान महाराजा रावण जंगल में आये और वेदवती को देखकर उस पर मोहित हो गये। रावण ने वेदवती को आकर्षित करने के लिये भरसक प्रयास किये, लेकिन वह नहीं मानी। वेदवती ने रावण को शाप दिया की हे रावण मैं जनकपुर में जन्म लेकर तेरी मौत का कारण बनूंगी। इसके बाद वेदवती अग्नि में सती हो गई। वेदवती का अभिनय शिवम गोयल, रावण शगुन मित्तल, शिव जी का मनोज मित्तल, मारीच ऋषिपाल शेरवाल, मेघनाथ का मोहित, मंत्री को जयपाल, नंदी का आयुष, शुक्र राकेश गर्ग उर्फ सप्रेटा, शनि अनिल कुंगरवाल, सेवक पुनीत गोयल ने किया।