गड्ढे खुदवा दिए, शौचालय बनाए नहीं
शामली/थानाभवन। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को पहले चरण में खुले से शौच मुक्त करने का दावा अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है। जिले के विभिन्न गांवों में शौचालय निर्माण को लेकर अनियमितता सामने आ रही हैं, तो ऐसे भी गांव हैं जहां छह माह पूर्व गड्ढे खुदवाने के बावजूद शौचालयों का निर्माण नहीं कराया जा सका है।
अमर उजाला टीम ने थानाभवन देहात मसावी के मजरा मरगूबगढ़ में शौचालय निर्माण को लेकर पड़ताल की, तो वहां की स्थिति खराब मिली। गांव में आधा दर्जन से ज्यादा परिवारों के यहां शौचालय के लिए खोदे गए गड्ढे अब भी ज्यों के त्यों पड़े हुए हैं। गड्ढों में गिरकर परिवार के बच्चे और पशु घायल तक हो रहे हैं। इसके अलावा कुछ गड्ढों को हादसों के डर की वजह से ही ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर भर दिया। ग्रामीण संजीव का कहना है कि छह माह से गड्ढे खुदे हुए हैं। पूर्व में विधानसभा चुनाव की व्यस्तता बताकर शौचालयों का निर्माण रोक दिया गया था, मगर अब कोई कारण भी नहीं है, लेकिन शौचालयों का निर्माण नहीं हो रहा। साइना, रामपाल, इस्लामुद्दीन, मोहन, संजीव और शुभान का कहना है कि गड्ढों में गिरने की वजह से कई बच्चे घायल हो चुके हैं। इस बारे में अधिकारियों तथा ग्राम प्रधान से कई बार शिकायत कर ली, लेकिन शौचालयों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि यदि शौचालय बनवाने ही नहीं थे, तो फिर गड्ढे क्यों खुदवाए गए। उधर, खंड विकास अधिकारी पंकज कुमार का कहना है कि पूर्व में कुछ परिवारों के यहां शौचालय बनने से रह गए थे, सूची में उन्हें शामिल कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जिन परिवारों के यहां गड्ढे खुदे हुए हैं, वहां जल्दी ही शौचालय का निर्माण कराया जाएगा।