चौसाना/शामली। राजकीय यमुना खादर इंटर कॉलेज कमालपुर के उद्धार के लिए भी शासन ने 50 लाख रुपये जारी किए, जिसमें से करीब 40 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। इतनी बड़ी धनराशि से विद्यालय की सूरत बदलनी चाहिए थी, लेकिन हालत जस की तस बनी हुई है। शौचालय टूटे पड़े हैं, हैंडपंप खराब हैं, तो खरीदा गया फर्नीचर स्टोर में कैद है। खेल के मैदान में घास उगी हुई है।
दो साल पूर्व प्रदेश में सपा की सरकार के दौरान लागू की गई क्लीन स्कूल, ग्रीन स्कूल योजना के तहत कमालपुर गांव स्थित राजकीय यमुना खादर इंटर कॉलेज के लिए भी शासन ने 50 लाख रुपये जारी किए थे। योजना में स्कूल में फर्नीचर, सोलर पावर प्लांट, वॉल पेंटिंग, प्ले ग्राउंड का सौंदर्यीकरण करना था। प्राप्त धनराशि में से 40 लाख रुपये खर्च कर दिया गया है। अमर उजाला टीम ने शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज कमालपुर में पड़ताल की, तो यही सच्चाई सामने आई। जिसमें बच्चों के बैठने के लिए आया फर्नीचर कमरों मेें धूल फांक रहा है। सरकारी हैंडपंप खराब पडे़ हुए हैं और शौचालय टूटे हैं।
निर्माणाधीन इमारत खंडहर का रूप ले चुकी है। बच्चों को शुद्ध पीने के पानी के लिए कोई व्यवस्था नहीं हुई। कॉलेज के हालात बदतर बने हुए है। जबकि योजना का कुल बजट का 80 प्रतिशत धनराशि खर्च कर ली गई। उधर, प्रधानाचार्य ओमवीर सिंह ने बताया कि स्कूल में करीब 15 लाख के बजट से चारदीवारी का निर्माण कराया गया। जबकि दस लाख रुपये में सीसी सड़क का निर्माण हुआ। शौचालय बनाए गए और कुछ पुराने शौचालयों को नवीन रूप दिया गया। सौर ऊर्जा पैनल लगाया गया। बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर आया और सौंदर्यीकरण के लिए घास लगवाई गई। दस लाख अभी बाकी है, जो स्कूल में लगेगा।
शुद्ध पानी के लिए लगना था वाटर कूलर
स्कूल के बच्चों का कहना है कि वह सबमर्सिबल से निकले पानी को पीते हैं। जबकि सरकार द्वारा वाटर कूलर की व्यवस्था की जानी थी। जिससे बच्चों को शुद्ध पानी मिल सके। वहीं प्रधानाचार्य का कहना है कि विगत छह महीनों से वाटर कूलर आया हुआ है, लेकिन कंपनी ने अभी तक नहीं लगाया है।
अव्यवस्था से खेल मैदान ने लिया जंगल का रूप
राजकीय कमालपुर यमुना खादर इंटर कॉलेज में स्थित खेल मैदान इमारत से कुछ दूरी पर स्थित है। स्कूल में भराव के लिए मिट्टी को उठवा लिया गया। जिससे मैदान में गड्ढे बन गए, लेकिन उसको सही नहीं कराया गया। कॉलेज में पढ़ने वाले कमल, मोनू ,अंकुश, सागर, मनोज, इरफान, सागर, नीरज, धीरज, धर्मेंद्र व मुरसलीन आदि का कहना है कि खेल के मैदान में ऊंची घास होने के कारण बच्चे खेल का अभ्यास भी नहीं कर पाते हैं।
किस मद में किस संस्था ने कराया कार्य
अनुरक्षण मद में 20 लाख रुपये से कार्य होना था। जिसके लिए कार्यदायी संस्था पैकफेड को नामित किया गया था। अनुरक्षण कार्य के लिए 19.89 लाख रुपये कार्यदायी संस्था को उपलब्ध कराए जा चुके है। संस्था की ओर से खर्च कर उपभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया। वहीं, अन्य मद में प्राप्त 20 लाख रुपये से सोलर पावर प्लांट, एलईडी, बल्ब, पंखे, का कार्य यूपीनेडा विभूति खंड गोमती नगर लखनऊ द्वारा कराने पर 9,42,409 की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। जबकि फर्नीचर मद में प्राप्त 10 लाख धनराशि से मैसर्स यूपी उपभोक्ता संघ मुरादाबाद व मैसर्स राष्ट्रीय उपभोक्ता लखनऊ से खरीदा गया है। जिसमें 9,98,812 का भुगतान किया जा चुका है।
वर्जन
स्कूल में सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं। कार्य कराते समय मेरे से केवल हस्ताक्षर कराए जाते थे। मुझे पूर्ण खर्च और मदों पर होने वाले अलग अलग खर्च की जानकारी नहीं है। - ओमवीर सिंह, प्रधानाचार्य
वर्जन
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कांधला और राजकीय यमुना खादर इंटर कॉलेज कमालपुर में क्लीन स्कूल, ग्रीन स्कूल के तहत प्राप्त धनराशि और खर्च को लेकर पत्रावलियों की जांच की गई है। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। - अनुराधा शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक
प्राप्त और खर्च की गई धनराशि
मद का नाम --------प्राप्त धनराशि-------व्यय धनराशि-------शेष धनराशि
अनुरक्षण मद --------20,00000---------19,89,000-----------11,000
फर्नीचर मद ----------10,00000---------9,98,812------------1188
अन्य व्यय मद ------20,00000----------9,94,511------------10,05,489
योग------------------50,00000---------39,30,221-----------10,17,677