शामली। हरियाणा और नेपाल बॉर्डर को जोड़ने वाले शामली- गोरखपुर एक्सप्रेसवे का तीन डी का अधिसूचना गजट प्रकाशन की मंजूरी के बाद किसानों को मुआवजा वितरण का साफ होगा। किसानों को मुआवजा वितरण के बाद भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई होगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण रुड़की इकाई की ओर से तीन डी की अधिसूचना का गजट प्रकाशन की मंजूरी के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय नई दिल्ली को भेजा गया है।
750 किमी लंबाई यूपी के 22 जिलों और 37 तहसीलों को जोड़ने वाले शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे की 35 हजार करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। यह एक्सप्रेसवे शामली जिले के थानाभवन ब्लॉक के गोगवान जलालपुर से शुरू होकर मुजफ्फरनगर सदर तहसील से देवबंद तहसील से बिजनौर से होकर बरेली, लखनऊ से होकर गोरखपुर तक जाएगा। एक्सप्रेसवे निर्माण की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण रुड़की को सौंपी है।
रुड़की इकाई के साइट इंजीनियर नवीन कुमार ने बताया कि एक्सप्रेसवे की 35 हजार करोड़ रुपये की प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनकर तैयार हो गई है। एक्सप्रेसवे की तीन क की अधिसूचना की स्वीकृत होकर गजट का प्रकाशन हो चुका है। तीन डी की अधिसूचना की स्वीकृति के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय नई को भेज दिया गया है। फरवरी के महीने में शामली- गोरखपुर एक्सप्रेसवे की तीन डी की अधिसूचना की स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। तीन डी की अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित जिलों के सक्षम अधिकारी एडीएम के समक्ष किसानों की मुआवजे की दावे और आपत्ति ली जाएगी। आपत्ति निस्तारण के बाद मुआवजा वितरित करने की कार्रवाई होगी।
इन जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
शामली से शुरू होकर सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर और गोरखपुर से होकर गुजरेगा।