शामली। देश के विभिन्न राज्यों में हो रही साइबर ठगी में पुलिस की जांच में शामली जिले के कई लोगों के शामिल होने का खुलासा हुआ है। साइबर ठगी में जिले के 34 बैंक खाते और 78 मोबाइल सिमों का इस्तेमाल होना सामने आया है।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि लखीमपुर खीरी जिले के निवासी अमन अंसारी ने पूछताछ में बताया कि वह रेहान खान निवासी सूजाबाद कुष्ठ सेवा आश्रम पररवा पोस्ट रामनगर जनपद चंदौली व कामेशवर निवासी जबलपुर मध्य प्रदेश और आकाश गुप्ता निवासी हरदोई के साथ मिलकर लोगों से म्यूल बैंक खातों में साइबर अपराध में प्राप्त की कई रकम को चीनी कंपनी के साथ मिलकर साइबर ठगी कर रहे थे।
एसपी ने बताया कि अमन अंसारी से पूछताछ में खुलासा हुआ कि पहले वह आकाश गुप्ता के माध्यम से चीनी कंपनी से जुड़ा था। इसके बाद उसके साइबर ठगी के धंधे में चीन में बैठे साइबर ठग से सीधे संपर्क बन गए। वह व्हाट्सएप के माध्यम से उससे बातचीत करता था। साइबर ठगों ने अपना मुख्यालय हांगकांग में बनाया हुआ है। वहां बैठकर साइबर ठग उसके माध्यम से कमीशन का लालच देकर लोगों के म्यूल खाते का इस्तेमाल करते है। खाताधारक के नाम से नया मोबाइल सिम लेकर उसका इस्तेमाल साइबर ठगी में करते थे। खाताधारक को एक प्रतिशत और अन्य सहयोगी दो प्रतिशत कमीशन देते हैं। अमन अंसारी चीन के साइबर ठग से अंग्रेजी में ट्रासंलेटर के माध्यम से बातचीत करता था। ऑनलाइन गेम या ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट के एप के माध्यम से लोगों से ठगी गई रकम को चीन में बैठे व्यक्ति को ट्रस्ट वॉयलट से कनवर्ट कराकर भेजता था।
धर्मेंद्र के संपर्क में आकर साइबर ठगी से जुड़ा था नितिन
एसपी के मुताबिक बंतीखेड़ा निवासी म्यूल खाता धारक नितिन की मुलाकात जनपद हापुड़ निवासी धर्मेंद्र से मेरठ में हुई थी। धर्मेंद्र मेरठ शहर में रहकर ऑनलाइन सब्जी व फल की होम डिलीवरी करता है। धर्मेंद्र द्वारा नितिन से कहा गया कि उसे करंट अकाउंट की जरूरत है, जिसमें करोड़ों रुपयों का ट्रांजेक्शन होगा, जिसमें अच्छा कमीशन मिलेगा। इसके बाद नितिन तय कमीशन पर गांव में इंडियन ओवरसीज बैक का करंट अकाउंट की डिटेल पासबुक की फोटो, यूजर आईडी, पासवर्ड व सिम धर्मेंद्र को दी गई थी। धर्मेंद्र ने अपने अन्य साथियों राहुल गोयल, सत्यपाल, अश्वित के साथ मिलकर म्यूल खाते में रकम मंगाई थी। एसपी का कहना है कि चीन से साइबर ठगी का खुलासा होने के बाद कंबोडिया, बर्मा व म्यांमार आदि से साइबर ठगी किए जाने की आशंका है।
साइबर ठगों का ऑनलाइन गेमिंग एप पर फोकस
एसपी का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ और जांच में सामने आया है कि साइबर ठग वैसे तो ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट में निवेश करने व अन्य माध्यमों से ठगी कर रह हैं, लेकिन सबसे ज्यादा फोकस ऑनलाइन गेमिंग एप पर रहता है। इसकी वजह ये है कि ऑनलाइन गेमिंग एप पर ज्यादा लोग जुड़े होते हैं। उन्हें पहले थोड़ी रकम भेजकर लालच दिया जाता है। इसके बाद उनसे बड़ी रकम ठग ली जाती है। एसपी का कहना है कि लोगों को सावधानी व सतर्कता के साथ एप का इस्तेमाल करना चाहिए। एप के बारे में पहले उनकी प्रमाणिकता के बारे में जानकारी करनी चाहिए।
नितिन ने पुराने खाते को चालू कराया था
पुलिस की जांच में सामने आया कि नितिन का पुराना खाता था, जो काफी समय से बंद चल रहा था। उसे 19 जनवरी को चालू किया गया था और उसी दिन साइबर ठगी की रकम मंगाकर अन्य खातों में भेजी गई थी। धर्मेंद्र ने लखनऊ से एमबीए किया था।