शामली। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की जयंती जिले में किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाई गई। मुख्य अतिथियों सहित अन्य लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के चित्र के सम्मुख पुष्प अर्पित करके उन्हें याद किया। कार्यक्रम में 32 प्रगतिशील किसानों को शॉल उड़ाकर और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया।
बुधवार को माजरा रोड स्थित कृषि बीज गोदाम कृषि भवन में कृषि गोष्ठी और कृषि मेले का शुभारंभ डीएम जसजीत कौर और जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष देवी ने किया। डीएम ने कहा कि जैविक खेती को प्रोत्साहित करने हेतु कृषकों के लिए एक्सपोजर विजिट कराए। जनपद में जैविक खेती करने वाले कृषकों के खेतों पर भ्रमण कराएं। जिले के किसानों को पिछले साल का गन्ना भुगतान 31 दिसंबर तक करा दिया जाएगा। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने किसानों से अपील की कि गोवंश को निराश्रित न छोड़े तथा फसल अवशेष को न जलाए।
उप कृषि निदेशक शिव कुमार केसरी ने फसलों के अवशेष जलाने के स्थान पर डी कम्पोजर के माध्यम से जैविक खाद बनाने पर जोर दिया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. ओमकार सिंह ने आम के बागों में संतुलित उर्वरक प्रयोग समय से करने, कीट-रोग की रोकथाम के उपायों पर, डॉ. एसपी सिंह ने जैविक खेती, डॉ विकास मलिक ने गेहूं, गन्ना फसल पर गन्ना बुवा, बीज शोधन, गन्ना बधाई तथा कीट/रोग प्रबंधन हेतु बताया गया। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सतीश कुमार ने फसल अवशेष प्रबंधन पर विस्तार पूर्वक चर्चा की।
जिला अग्रणी बैक प्रबंधक शैलेेष कुमार पात्र किसानों से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की अपील की। कार्यक्रम में जिले के गन्ना-उद्यान, पशुपालन और कृषि विभाग के 32 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. नीरजा सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जीवन शैली, जमींदारी प्रथा उन्मूलन आदि किसान हित में किए गए कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। समारोह में बहावड़ी थांबेदार श्याम सिंह समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में सभी लोग भूल सोशल डिस्टेंसिंग
शामली। किसान सम्मान दिवस में कृषि विभाग के अफसरों ने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा। कृषि विभाग के कार्यालय में कम जगह में विभागों की ओर स्टाल लगाए गए थे। भारी संख्या में किसानों की ज्यादा संख्या के साथ-साथ मंच पर अधिकारियों की उपस्थिति में सामाजिक दूूूरी का ध्यान नहीं रखा गया। सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी नहीं गई थी। कार्यक्रम में आने किसानों को पानी की तरह चाय का वितरण किया जा रहा है।