नगर पालिका में पीड़ित पिछले एक वर्ष से नाम परिवर्तन कराने को लगातार चक्कर काट रहा है। इसके बाद भी नगर पालिका लिपिक उसे हर रोज कोई न कोई बाहना बनाकर टरका देता है। पीड़ित हर रोज काम छोड़कर चक्कर काटने से परेशान होते हुए कार्यालय में बुुरी तरह भड़क उठा और जोर जोर से चिल्लाते हुए बाहर निकलने लगा। आवाज सुन ईओ ने पीडित को कार्यालय में बुलवाकर समस्या सुनते हुए फाइल मंगाकर समाधान किया।
पिछले एक वर्ष से नगर पालिका में नाम परिवर्तन कराने को लेकर 50 चक्कर काट चुका पीड़ित व्यक्ति मंगलवार को भी काम पूरा न होने पर परेशान होकर कार्यालय में भड़क उठा। पीडित बृहम प्रकाश पुत्र बेगराज ने बताया कि दो वर्ष पूर्व उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। उन्होंने बताया कि वह पांच भाई है। जिसके बाद सभी भाइयों ने मकानों का बंटवारा कर लिया। जिसके चलते मकान मालिक का नाम परिवर्तन कराना था। उन्होंने एक वर्ष पहले सभी प्रमाण पत्र तैयार कराकर नगर पालिका कार्यालय में जमा करा दिए थे। जिसके बाद वह पालिका के एक वर्ष से करीब 50 चक्कर काट चुका है। अधिकारी न तो प्रमाण पत्रों में कोई खामियां बताते हैं और न ही काम पूरा करते हैं। रोज कोई न कोई बाहना बनाकर टरका देतेेे है। जैसे ही पीड़ित लिपिक कार्यालय से भड़कते हुए बाहर निकला, तो तेज आवाज सुनते हुए अधिशासी अधिकारी लालचंद ने पीड़ित को अपने कार्यालय में बुलवाया। जिसके बाद उन्होंने पीड़ित से पूरी जानकारी ली। ईओ ने पीड़ित की परेशानी समझते हुए साथ ही लिपिक को बुलवाकर फाइल मंगवाते हुए हस्ताक्षर कर समस्या का समाधान किया। वहीं, पीड़ित से पालिका संबंधी अन्य समस्या के बारे में पूछा।