गौशाला भवन में चल रही रामलीला में छठे दिन राम विवाह लीला का मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए प्रतिदिन लोगों की भीड़ पहुंच रही है। सुरक्षा के लिए पुलिस भी तैनात की गई है।
राजा जनक का दरबार लगता है और उसमें अनेकों राजा आते हैं। सीता स्वयंवर में कोई भी धनुष हिला तक नहीं पाता है। राजा जनक को क्रोध आ जाता है और सभा में सब का अपमान कर देते हैं। इससे लक्ष्मण क्रोधित हो जाते हैं। फिर लक्ष्मण को गुरु विश्वामित्र गुस्सा शांत करने के लिए कहते हैं और राम को आदेश देते हैं यह धनुष तोड़ो। तत्पश्चात भगवान परशुराम स्वयंवर में पहुंच जाते हैं और धनुष को देखकर क्रोधित हो जाते है। बाद में परशुराम जी को यह पता लगता है कि राम नारायण का रूप है तो वो शांत हो जाते हैं।
राम का अभिनय सतीश प्रजापति, लक्ष्मण राकेश प्रजापति, सीता शिवम गोयल, जनक ऋषिपाल, विश्वामित्र आशु गर्ग, परशुराम नवीन शर्मा, मुनादी का अनिल, राकेश, राजा जयपाल सिंह, पुनीत गोयल, रमेश वर्मा, अर्पित गोयल, भालू ,सागर, सखियो का अभिनय शिवम व सन्नी आदि कलाकारों ने अभिनय किया। इसके अलावा कमेटी के अध्यक्ष जयपाल सिंह, कोषाध्यक्ष राजेश नामदेव, संजू वर्मा, घनश्याम, अभिषेक, अंकित नामदेव प्रमोद गोयल, पद्म नामदेव, आशुतोष, अमित, डॉ. राम कुमार गुप्ता,राकेश वर्मा, अंकुर, आशु आदि लोग मौजूद रहे।