शिवभक्तों की सेवा के लिए सब तैयार
शामली। सावन महीने में माहौल पूरी तरह से शिवमय होने लगा है। भोलों की सेवा के लिए सब तन-मन से पूरी तरह तैयार हैं। हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे शिवभक्तों की रफ्तार बढ़ने लगी है। दो दिनों में छह हजार से ज्यादा कांवड़ियां शहर से होकर निकल गए हैं। हरियाणा- राजस्थान के डाक कांवड़ियों के वाहन हरिद्वार की ओर रवाना होने लगे हैं। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जगह-जगह पुलिस प्रशासन ने सक्रियता दिखानी प्रारंभ कर दी है। कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह बने कट बंद कर दिए गए हैं।
बृहस्पतिवार से नगर पालिका परिषद शामली कार्यालय में कांवड़ कंट्रोल रूम शुरू हो गया है। कंट्रोल रूम तहसील, नगरपालिका परिषद एवं बिजली विभाग के एक एक कर्मचारी की 12-12 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, एसटी तिराहे पर कांवड़ियों की गणना का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। 24 घंटे कांवड़ियों की गणना का कार्य चलेगा। नगरपालिका परिषद ने कांवड़ियों की व्यवस्था के लिए नगरपालिका परिषद के पांच सदस्यों की टीम का गठन करके प्रभारी बनाया है। सदस्यों की कांवड़ प्रभारी टीम में शामिल विनोद तोमर, धुरेंद्र निर्वाल, पूर्ण चंद सैनी, विनोद पांचाल, राजेंद्र संगल आदि वाहनों के नियंत्रण का कामकाज संभालेंगे।
हनुमान धाम के सचिव राजकुमार मित्तल, कोषाध्यक्ष जोगेंद्र पाल सेठी ने बताया कि कांवड़ सेवा शिविर में राजस्थान- हरियाणा के कांवड़ियां पहुंच रहे हैं। दिन के समय कांवड़िया कम और शाम के समय ज्यादातर कांवड़िये आ रहे हैं। राजस्थान के ओमप्रकाश समेत शिवभक्त कांवड़ियों ने थकान मिटाई। शिविरों में कांवड़िये डीजे पर शिव के भजनों पर थिरक रहे हैं।
बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे कांवड़ मार्ग पर खेड़ी बैरागी शिव मंदिर में कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार भारती ने किया। इस मौके पर बिजेंद्र सिंह, विनोद पंवार, चौधरी मनोज कुमार, अजित निर्वाल, अमित निर्वाल, सुमेर सिंह, रमेश, सोमदत्त शर्मा ब्रजवीर लाला, धर्मेंद्र मान, सतेंद्र पंडित, कुलदीप पंवार, अनुज देशवाल आदि सेवा में जुटे हुए हैं।
शौचालयों की व्यवस्था न होने की शिकायत की
शामली। नगरपालिका परिषद के कांवड़ कंट्रोल रूम में नायब तहसीलदार को फोन पर शिकायत करके बताया गया कि कांवड़ मार्ग पर बुटराड़ा, हाथी करौंदा, खेड़ी बैरागी शिविरों में शौचालयों की व्यवस्था नहीं की गई है। नायब तहसीलदार ने बताया कि सेक्टर-जोनल व डीपीआरओ को शिकायत निस्तारण के लिए भेज दी गई है।