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Shamli News: सर्व यूपी बैंक के प्रबंधकों पर 3.10 लाख रुपये का जुर्माना

Tue, 10 Mar 2026 12:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम का भुगतान न करने के मामले में सुनवाई की। आयोग ने सर्व यूपी बैंक के शाखा प्रबंधक, क्षेत्रीय प्रबंधक व मुख्य प्रबंधक पर 3.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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गांव टिटौली निवासी बेदो देवी ने 19 अप्रैल 2022 को आयोग में सर्व यूपी ग्रामीण बैंक टिटौली के शाखा प्रबंधक, मुजफ्फरनगर के क्षेत्रीय प्रबंधक, बैंक के वित्तीय समावेशन विभाग प्रथम मुख्य कार्यालय मुरादाबाद के मुख्य प्रबंधक और ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लि. मेरठ के विरुद्ध परिवाद दायर कराया था। परिवादी ने बताया कि उसके पति ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बैंक के माध्यम से इंश्योरेंस कंपनी के कार्यालय में बीमा कराया था।
बीमा योजना के तहत दुर्घटना मृत्यु होने पर और पूर्ण विकलांगता पर जोखिम कवरेज दो लाख रुपये और आंशिक विकलांगता पर जोखिम कवरेज एक लाख रुपये था। 25 जून 2020 को उनके पति सुकरमपाल की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसकी प्राथमिकी पुलिस में दर्ज कराई गई थी। उसके पुत्र ने बैंक के शाखा प्रबंधक को प्रार्थना पत्र दिया।
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बैंक के वित्तीय समावेशन विभाग मुरादाबाद के मुख्य प्रबंधक ने ईमेल से इंश्योरेंस कंपनी से स्टेट्स रिपोर्ट मांगी। इंश्योरेंस कंपनी ने 22 अक्तूबर 2021 को मुख्य प्रबंधक को ईमेल करके परिवादी के क्लेम को यह कहकर निरस्त कर दिया कि रिकाॅर्ड के रूप में 12 रुपये की प्रीमियम राशि खाते से नहीं काटी गई जबकि उसके पति के केसीसी खाता से प्रीमियम राशि 12 रुपये दो नवंबर 2018 को काटी गई।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने बैंक के तीनों प्रबंधकों के विरुद्ध परिवाद पर सुनवाई कर आदेशित किया कि योजना की बीमा पॉलिसी के अंतर्गत वर्णित धनराशि दो लाख रुपये सुक्रमपाल की मृत्यु की तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित और परिवादी को हुई मानसिक, आर्थिक व शारीरिक क्षतिपूर्ति के रूप में 25 हजार रुपये और परिवाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा करें।
बैंक द्वारा की गई सेवा में कमी व अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए उन पर संयुक्त रूप से 75 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया। अर्थदंड की धनराशि नियमानुसार राजकोष में जमा की जाएगी। इंश्योरेंस कंपनी के विरुद्ध परिवाद निरस्त किया गया।
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