शामली। जिले में शासन की राहवीर योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। घायलों की मदद के लिए एक साल में किसी भी व्यक्ति ने घायलों की मदद कर पुरस्कार राशि के लिए दावा पेश नहीं किया है। योजना के प्रचार प्रसार और जागरूकता का अभाव इसकी मुख्य वजह मानी जा रही है।
सड़क हादसे में घायलों को गाेल्डन ऑवर में चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो जाए तो उसकी जान बच सकती है। कई बार घायलों को उपचार में देरी की वजह से जान चली जाती है। इसे देखते हुए शासन ने 2021 में गुड सेमेरिटन योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाकर चिकित्सा सहायता दिलाने पर परिवहन विभाग की तरफ से पांच हजार रुपये पुरस्कार राशि दी जाती थी। इसमें लोगों के रुचि न दिखाने पर शासन ने पिछले वर्ष अप्रैल 2025 में इस योजना का नाम बदलकर राहवीर योजना शुरू की। साथ ही घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने वाले को पुरस्कार राशि पांच हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की गई। इसके बाद भी लोगों का योजना की तरफ रुझान नहीं बढ़ा है।
एआरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि घायल व्यक्ति को समय पर इलाज उपलब्ध हो सके, इसके लिए शासन ने राहवीर योजना शुरू की है।
पिछले एक साल में किसी भी व्यक्ति को इस योजना के तहत लाभ नहीं मिला है। योजना को लेकर लगातार प्रचार प्रसार कर लोगों को जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है।