शामली/चौसाना। पहाड़ों पर रुक-रुक कर हो रही बारिश से हथनीकुंड बैराज से दोपहर दो बजे 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने से सोमवार को सुबह से यमुना का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। चौसाना क्षेत्र के गांव साल्हापुर मे यमुना का जलस्तर बढ़ने से ड्रेनेज खंड ग्रामीणों की मदद से पेड़ों और बांस की बल्लियां पानी में गाढ़कर युद्ध स्तर पर कटान रोक रहा है।
पिछले सप्ताह पहाड़ों पर बारिश होने के बाद 13 अगस्त को हथनी कुंड बैराज से एक लाख 39 हजार क्यूसेक पानी यमुना मे छोड़ दिए जाने से जिले के चौतरा गांव के कलरी मजरे, नाईनंगला, साल्हापुर डुंडूखेड़ा गांवों में यमुना कटान से हालात बदतर हो गए थे। यमुना कटान से अभी तक हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। जिले का ड्रेनेज खंड कलरी, साल्हापुर और डुंडूखेड़ा गावों में यमुना का कटान रोकने में जुटा है।
रविवार दोपहर दो बजे हथनी कुंड बैराज से यमुना में 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता यासीन खां ने बताया कि साल्हापुर, कलरी, डुंडूखेड़ा गांवों में कटान रोकने का कार्य चल रहा है।
सभी जगह स्थिति नियंत्रण में है, उधर जिले में यमुना कटान के हालातों को लेकर ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता केपी सिंह लखनऊ में सिंचाई विभाग के अफसरों की बैठक में रवाना हो गए हैं। यमुना में छोड़े गए पानी का असर जिले में सोमवार सुबह आठ बजे से शुरू हो जाएगा। केंद्रीय जल पर्यवेक्षकों ने बताया कि रविवार को शाम चार बजे कैराना यमुना पुल पर 229.45 मीटर दर्ज किया गया है। सोमवार को 229.80-90 मीटर जलस्तर पहुंचने की संभावना है।