शामली/थानाभवन। थानाभवन क्षेत्र के गांव हरड़ फतेहपुर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के खाते में कृषि भूमि को ठेके पर देकर अर्जित किए गए करीब 25 लाख रुपये जमा हैं। बावजूद इसके स्कूल की हालत खस्ता है। स्कूल के प्रांगण में पशु बंधे हुए हैं तो गोबर डालकर एवं उपलों के बिटोडे़ बना दिए गए हैं। बिल्डिंग की स्थिति भी ठीक नहीं है। चारदीवारी तक नहीं है।
गांव हरड़ फतेहपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 102 छात्र छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल के पास लगभग 40 बीघा कृषि भूमि है। वर्ष 2014 से पहले तक इस भूमि को कृषि कार्य के लिए ठेके पर दिया जाता रहा। इससे हुई आमदनी के करीब 25 लाख रुपये खाते में जमा है।
इसके बाद भी स्कूल की स्थिति बेेहद खराब है। स्कूल में फर्श और कमरों जर्जर हो रहे हैं। शौचालयों की हालत भी दयनीय है। स्कूल परिसर में गंदगी फैली है। वहीं गांव के लोग स्कूल में पशु बांधते है और बिटोडे़ तक बना दिए है।
विद्यालय की इंचार्ज उमा ने बताया कि चारदीवारी कराने, विद्यालय में कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं। उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अगर विद्यालय का स्टाफ अवैध कब्जे का विरोध
करता है, तो उन्हें धमकी दी जाती हैं। इस कारण वह विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं।
इनके अलावा शिक्षिका रचना सैनी, शिक्षिका नीलम शर्मा और शिक्षिका पूजा ने बताया कि लाखों रुपये विद्यालय के खाते में मौजूद होने के बाद भी विद्यालय की हालत खस्ता है।
अवैध कब्जा हटवाने में प्रधान भी असहाय
ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि गौतम ने बताया कि कृषि भूमि के ठेके से प्राप्त धनराशि खाते में जमा है। लेकिन प्रशासन से उसको खर्च करने की अनुमति अभी तक नहीं मिली। विद्यालय में अवैध कब्जा करने वालों के बारे में वह कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।
2015 में इंटर कॉलेज के लिए आवंटित हुई भूमि
इस विद्यालय की कृषि भूमि को 2015 में इंटर कॉलेज बनाने के लिए आवंटित कर दिया गया था। इसके बाद कृषि भूमि की ठेके पर नीलामी नहीं की गई। कृषि भूमि की अंतिम नीलामी 24 मई 2014 को इंचार्ज नीलम शर्मा की मौजूदगी में लाल सिंह चौहान को एक लाख अड़तीस हजार में की गई थी। विद्यालय के पास पांच मार्च 2016 तक 24,79007 रुपये खाते में मौजूद हैं। यह खाता तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी और प्रधानाध्यापक के नाम से संयुक्त खुला है।
स्कूल की चारदीवारी और अन्य कई कार्यों का अवर अभियंता से इस्टीमेट तैयार कराकर फाइल डीएम के पास अनुमोदन के लिए भेजी गई है। जैसे ही प्रस्ताव पास हो जाएगा तो चारदीवारी और अन्य कार्य शुुुरू करा दिया जाएगा।
- चंद्रशेखर, बीएसए।