शामली। यूपी में कोरोना के केस मिलने पर शासन ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया गया है। कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिले में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में 30 मार्च तक 24 घंटे दो चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही निगरानी के लिए एक एसीएमओ की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार रहेगी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले में अभी तक कोरोना वायरस या स्वाइन फ्लू से संक्रमित कोई मरीज सामने नहीं आया है।
पिछले महीने में चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस का संक्रमण देश में भी दस्तक दे रहा है। दिल्ली के साथ यूपी में भी कोरोना के केस सामने आने पर शासन ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया गया है। शासन के निर्देश पर हर जिले मे आइसोलेशन वार्ड बनाए गए है, ताकि अगर कोई भी संदिग्ध केस सामने आता है तो तत्काल उसकी जांच और उपचार मिल सके। शामली जिले में तीन दिन पहले क्षेत्र के एक गांव की महिला ने सीएचसी पर पहुंचकर कोरोना जैसे लक्षण होना बताते हुए जांच की मांग की थी। चिकित्सकों ने जांच के लिए महिला को मेरठ रेफर कर दिया था। चिकित्सकों का कहना है कि महिला को सामान्य इन्फलुंजा होना बताया था। हालांकि महिला की अभी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। जांच रिपोर्ट के बाद ही सही स्थिति का पता चल सकेगा। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग भी तैयारी में लगा है। सीएचसी शामली में बनाए गए आइसोलेसन वार्ड पर 30 मार्च तक दो चिकित्सकों की ड्यूटी 24 घंटे लगाई गई है ताकि कोरोना या स्वाइन फ्लू का कोई भी संदिग्ध केस किसी भी समय आए तो तत्काल उसकी जांच कर उपचार किया जा सकेगा। इसके साथ ही निगरानी के लिए एक एसीएमओ की ड्यूूटी भी रोजाना रोस्टर के अनुसार लगाई जाएगी ताकि इस मामले में किसी तरह की कोई लापरवाही न हो सके।
कोट
कोरोना या स्वाइन फ्लू से पीड़ित कोई केस जिले में सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर तैयारी कर ली है। सीएचसी शामली में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में 24 घंटे चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही एक एसीएमओ की निगरानी के लिए ड्यूटी लगाई गई है। - डॉ. संजय भटनागर, सीएमओ।