एतिहासिक धरोहर उपेक्षा के शिकार
कैराना। मोहल्ला पीरजादगान निवासी भारतीय छात्र संगठन के लोकसभा क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं समाजसेवी शमून उस्मानी की ओर से दिए गए पत्र में कहा गया कि दानवीर कर्ण की बसाई हुई कैराना नगरी का ऐतिहासिक महत्व रहा है। यहां मराठाकालीन, मुगलों के दौर के कई धरोहर स्थित हैं। मराठाकालीन देवी मंदिर, नवाब तालाब, नवाब दरवाजा व अन्य कई धरोहर आज अनदेखी के शिकार हो रहे हैं। यही कारण है कि उन पर कब्जे बढ़ रहे हैं। तत्कालीन डीएम एनपी सिंह ने नवाब तालाब को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित कराने के प्रयास किए, लेकिन आज भी वह जैसे खंडहर में तब्दील हो रहा है। शमून ने ऐतिहासिक धरोहरों से कब्जे हटवाकर उनका विकास कराने की मांग की है।
शार्टसर्किट से झोपड़ी में लगी आग
कैराना। शार्टसर्किट के कारण ग्रामीण की झोपड़ी में आग लगने से हजारों रुपये का सामान जलकर राख हुआ। ग्राम पंजीठ निवासी मो. नूरदीन ने कोतवाली पर तहरीर दी कि रविवार देर रात विद्युत शार्टसर्किट के कारण उसकी झोपड़ी में आग लग गई, जिसमें उसके परिवार के सदस्यों ने भाग कर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों के सहयोग से किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन झोपड़ी में रखा हजारों रुपये का कीमती सामान, राशन कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक आदि सामान जलकर राख हो चुका था।