अब गोवंश छोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। डीएम अखिलेश कुमार ने कहा कि गोवंश छोड़ने पर पशु क्रूरता अधिनियम में कार्रवाई होगी। गोवंश और पशुपालकों की जानकारी के लिए प्रत्येक गांव में रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही आश्रय स्थल न बनने तक लोगों से अपील की कि एक-एक गोवंश को घर में बांध कर जनसहयोग करें।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम अखिलेश कुमार ने कहा कि लगातार बढ़ रहे निराश्रित, बेसहारा गोवंश पशुओं की समस्या के निदान के लिए आश्रय स्थल बनाए जा रहे है। मनरेगा, स्थानीय निकायों की सिंचित निधि, ग्राम पंचायत निधि, क्षेत्र पंचायत निधि, जिला पंचायत निधि, खनिज विकास निधि तथा जन सहयोग से गोवंश आश्रम स्थलों की स्थापना, प्रबंधन, भरण-पोषण की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही जन सहयोग से समितियां गठित की जा रही है। समितियां जनपद, तहसील तथा ब्लॉक स्तर पर गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि गोवंश आश्रय स्थलों के संचालन होने तक गांव का एक परिवार एक गोवंश पशु को अपने यहां रखकर भरण-पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित कराने में सहयोग करें। उन्होंने सभी लेखपालों को निर्देश दिए कि अपने-अपने संबंधित गांव में कितनेे आवारा पशु हैै? कितनेे पशु गोवंश आश्रम में पहुंचाए गए हैं? इसकी सूचना प्रतिदिन दें। इसका प्रत्येक गांव में रजिस्टर भी बनाएं। सभी पशुपालकों के नाम अंकित करें। कौन सा पशु गर्भधारण है? इसकी भी सूचना अंकित की जाएं। ताकि पता चल सके किस पशुपालक ने संबंधित पशु को छोड़ दिया। उस पशुपालक के विरुद्ध पशुु क्रूरता अधिनियम के तहत तीन वर्ष की कैद तथा जुर्माना भी किया जाएगा। उन्होंनेे कहा कि लेखपालों को बारी बारी से पशुचर की जमीन पर अवैध कब्जे की समीक्षा कर जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ विवेक त्रिपाठी, एडीएम केबी सिंह एसडीएम प्रशांत कुमार भारती, एसडीएम कैराना अमित पाल, एसडीएम ऊन केपी तोमर समस्त तहसीलदार, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर राजेश कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।