शहर के फव्वारा चौक स्थित मदरसा हाफिज जामिया शहीद में सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जिसमें हिंदुस्तान की आजादी में उलमा-ए इकराम की शहादत को याद करके मुसलमानों से देश की तरक्की के लिए आगे आने का आह्वान किया गया। जलसे में बच्चों को दीनी तालीम हासिल कराने पर जोर दिया गया।
मंगलवार शाम आयोजित सालाना जलसे की सदारत करते मौलाना मोहम्मद आकिल ने की। कहा कि हिंदुस्तान की तारीख में मुस्लिमों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। देश की आजादी के लिए उलमा-ए इकराम ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ीं। आज तालीम के अभाव में मुस्लिम अपने बुजुर्गों की शहादत को भूलते जा रहे हैं। अपने बच्चों को दुनियावी तालीम के साथ साथ दीनी तालीम भी हासिल कराएं। बुराईयों से दूर रखें। अच्छी तालीम दें ताकि वह अपने बुजुर्गों को याद रख सकें। हिंदुस्तान दुनिया का सबसे बेहतरीन देश है। हमें अपने मुल्क की हिफाजत के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने देश में अमन चैन कायम रखने की खुदा दुआ कराई। इस दौरान मौलाना राशिद, मोहम्मद उमर, मौलाना तहसीन, मौलाना खुर्शीद, मौलाना सलीम, मौलाना नजाकत अली, हाजी कुतुबुद्दीन, मौलाना अनीस मदनी, मौलाना इस्लाम, मौलाना ताहिर, मास्टर शाह आलम आदि मौजूद रहे।