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प्रशासनिक लापरवाही पर राज्य महिला आयोग की सदस्या हुई नाराज

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शामली।
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उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डाक्टर प्रियंवदा तोमर बुधवार को महिला उत्पीड़न संबंधी मामलों की सुनवाई के लिए पहुंची, तो प्रशासनिक लापरवाही देखकर नाराजगी जताई। कारण था सुनवाई के लिए मात्र एक ही फरियादी मौजूद थी। इस पर आयोग सदस्या ने कहा कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी और आयोग को भी रिपोर्ट भेजेंगी।
बनत स्थित लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस पर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डाक्टर प्रियंवदा तोमर को महिला उत्पीड़न संबंधी मामलों की सुनवाई करनी थी। उसका कार्यक्रम पहले से तय था, जिसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही जिला प्रोबेशन विभाग के अधिकारियों को भी शामिल होना था। बुधवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे डाक्टर प्रियंवदा तोमर गेस्ट हाउस पहुंची, तो वहां पर डिप्टी कलक्टर प्रवरशील बरनवाल, सीओ वीरपाल सिंह के अलावा उपनिरीक्षक अंजू और जिला प्रोबेशन विभाग से दो महिलाकर्मी पहुंची। इसके अलावा अन्य विभागों के अधिकारी नहीं आए। एकमात्र फरियादी कांधला थाना क्षेत्र के एलम निवासी शाहिस्ता मौजूद थी, जो पति की शिकायत लेकर पहुंची थी।
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इस पर डाक्टर प्रियंवदा तोमर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही के कारण ही यहां महिलाएं अपनी समस्या लेकर नहीं पहुंची। इस बारे में आयोग को रिपोर्ट भेजेंगी तथा उच्चाधिकारियों से भी वार्ता की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना चाहती है और महिला उत्पीड़न पर प्रभावी रोकथाम लगाना चाहती है। मगर, प्रशासनिक अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह तथा डिप्टी कलक्टर प्रवरशील बरनवाल से कहा कि बृहस्पतिवार को दोबारा से महिला उत्पीड़न संबंधी मामलों की सुनवाई की जाएगी। उसके लिए ऐसा स्थान निर्धारित किया जाएं, जहां महिलाएं सुगमता से पहुंच सकें।
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उधर, अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को शामली नगर पालिका सभाकक्ष में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डाक्टर प्रियंवदा तोमर महिला उत्पीड़न संबंधी मामलों की सुनवाई करेंगी।
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