स्वास्थ्य विभाग से विकलांग प्रमाण पत्र बनवाना कितना मुश्किल है, उसका ताजा उदाहरण कैराना कस्बा निवासी रिहान है। पांच महीने पूर्व उसने प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। शामली से उसे मुजफ्फरनगर और फिर मेरठ रेफर कर दिया गया। मेरठ से भी प्रमाण पत्र नहीं बना, जिसके बाद उसे एम्स के लिए भेज दिया गया। रिहान ने मुख्यमंत्री को इस संबंध में शिकायत पत्र भेजा है।
कैराना कस्बा के मोहल्ला बिसातियान निवासी कासिम का पुत्र रिहान मूक बधिर है। 30 मार्च को उसने विकलांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सीएमओ शामली के यहां आवेदन किया। उस पर डॉक्टर रामनिवास ने उसे शामली में मूक बधिर की जांच की मशीन न होने की बात कहकर मुजफ्फरनगर भेज दिया। छह अप्रैल को रिहान को मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल से मेरठ मेडिकल के लिए रेफर कर दिया गया। इसके बाद 19 अप्रैल को रिहान ने मेरठ मेडिकल में आवेदन दिया, तो उसे जांच के लिए 28 अगस्त को ओपीडी में बुलाने की तारीख दे दी गई। 28 अगस्त को रिहान मेरठ मेडिकल पहुंचा, तो उसे मशीन खराब होने का हवाला देकर दिल्ली एम्स रेफर कर दिया गया। इसके चलते वह अपने परिजनों के साथ घर लौट आया। रिहान ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा जिलाधिकारी शामली को शिकायत पत्र भेजा है। रिहान ने मांग की है कि उसको विकलांग प्रमाण पत्र बनवाकर दिलाया जाए।