शामली। जिले की तहसील स्तरीय राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को भूराजस्व, राजस्व, फौजदारी, जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम के विभिन्न 302 वादों में से 204 का निस्तारण कराया।
कलक्ट्रेट, शामली, कैराना और ऊन तहसील में वादों के निस्तारण के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, भूूराजस्व अधिनियम, राजस्व, स्टाम अधिनियम, फौजदारी के वाद निस्तारित हेतु पेश किए गए। डीएम सुजीत कुमार के न्यायालय में 12 वादों, एसडीएम वित्त एवं राजस्व भरत पांडे के न्यायालय में 13, एसडीएम सदर एमपी सिंह के न्यायालय में 135, एसडीएम ऊन के न्यायालय में 21, एसडीएम कैराना के न्यायालय में 35, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के न्यायालय में दो वादों का निस्तारण किया गया।
इसके अलावा तहसीलदार ऊन के न्यायालय मे 15, तहसीलदार शामली के न्यायालय में तीन, तहसील कैैैैराना के न्यायालय में चार, नायब तहसीलदार कैराना के न्यायालय में चार, न्यायिक तहसीलदार कैराना छह वादों का निस्तारण किया।
वहीं, नायब तहसीलदार शामली पांच, सहायक चकबंदी अधिकारी शामली में सात, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी शामली में 18 में चार, नायब तहसीलदार ऊन कार्यालय में पांच, उपसंचालक चकबंदी शामली कार्यालय में तीन, चकबंदी शामली 11 में सात, सहायक आयुक्त स्टांप एक का निस्तारण किया। डीएम ने बताया कि आपसी सुलह समझौते के आधार पर फौजदारी के 186, जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम की आठ, भू राजस्व अधिनियम के 45, राजस्व के आठ, स्टांप अधिनियम चार, अन्य 51 वाद में से 33 वादों का निस्तारण किया।
लोक अदालत में सैकड़ों मुकदमों का निस्तारण
कैराना। शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में साढे़ 6 सौ से अधिक वादों को निस्तारण किया गया। इस दौरान पौने 2 लाख रुपये से अधिक जुर्माना वसूला गया।
इस दौरान कचहरी परिसर में काफी चहल पहल नजर आयी। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज कुमार तृतीय की अदालत में 5 वादों का निस्तारण कराते हुए 15 सौ रुपये अर्थदंड वसूल किया गया। वहीं, इसके अलावा सिविल जज सीनियर डिवीजन तरुण कुमार की अदालत में 25 वादों का निस्तारण कराया गया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार वर्मा की अदालत में 291 वादों का निस्तारण कराते हुए 1 लाख 22 हजार रुपये अर्थदंड वसूल कराया गया। सिविल जज जूनियर डिवीजन पीयूष सिद्धार्थ की अदालत में 166 वादों का निस्तारण कराते हुए 17 हजार अर्थदंड वसूल कराया। अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम कमल सिंह की अदालत में 170 वादों का निस्तारण कराते हुए 37 हजार 4 सौ रुपये जुर्माना वसूल कराया गया।