अमर उजाला ब्यूरो
शामली। कप्तान साहब, परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, वह चाहते हुए भी आगे की पढ़ाई नहीं कर पाएगा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में 72 प्रतिशत अंक लाने वाले होनहार छात्र प्रतीक ने एसपी को अपनी व्यथा सुनाई। उसे सुन एसपी और वहां मौजूद उनका स्टाफ भी भावुक हो गया। एसपी ने तुरंत अपने एक दिन का वेतन और स्टाफ से कुल दस हजार रुपये इकट्ठा कराकर छात्र को दिए और कहा धन की तंगी को पढ़ाई में आड़े मत आने देना।
मोहल्ला रामशाला निवासी छात्र प्रतीक शुक्रवार को अपनी माता शैलजा के साथ एसपी अजय कुमार से मिला। उनके साथ महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी डाक्टर कुमुद शर्मा भी मौजूद रही। श्री सत्यनारायण इंटर कालेज के छात्र प्रतीक ने बताया कि उसने यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा 72 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की है। उसके माता शैलजा और पिता रामगोपाल मेहनत मजदूरी कर जैसे तैसे घर का काम चलाते है। उसके घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह आगे की पढ़ाई के लिए फीस जमा कर सके। वह पढ़ना चाहता है, लेकिन फीस के लिए पैसे नहीं है। एसपी ने छात्र से एक साल की फीस का खर्च पूछा तो उसने करीब दस हजार रुपये बताए। इसके बाद एसपी ने अपना एक दिन का वेतन और अपने स्टाफ से दस हजार रुपये इकट्ठे कराए और छात्र को सौंप दिए। एसपी ने छात्र का हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि वह आगे की पढ़ाई निरंतर जारी रखे। छात्र प्रतीक ने कहा कि वह कभी हिम्मत नहीं हारेगा। छात्र ने मेहनत से पढ़ाई कर आईपीएस एसपी अजय कुमार जैसा बनने की इच्छा व्यक्त की। इसके बाद छात्र के चेहरे पर खुशी दिखाई दी।
योगाचार्या डाक्टर कुमुद शर्मा ने बताया कि छात्र प्रतीक स्वाभिमानी है। उसने घर की आर्थिक स्थिति देखते हुए हाईस्कूल की परीक्षा देने के बाद छुट्टी में एक दुकान पर नौकरी कर ली, ताकि वह आगे की पढ़ाई की फीस जमा कर सके। एक महीने बाद जब उसे पहली तनख्वाह मिली उससे घर का किराया जमा कराया। दूसरी मिली तो बीकॉम कर रही बड़ी बहन की फीस जमा करा दी। अब उसके सामने खुद की फीस जमा करने के लिए कुछ नहीं बचा था।