अमर उजाला ब्यूरो
कैराना। एसडीएम ने यमुना खादर के मामौर में आवंटित रेत खनन पट्टे पर सोमवार की रात छापेमारी की। इस दौरान मौके पर रेत खनन होता तो नहीं पाया लेकिन अवैध मिट्टी खनन करने के निशान जरूर मिले। अधिकारियों ने खनन प्वाइंट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। इसके अलावा यमुना पर बांधे जा रहे अस्थायी पुल की संबंधित विभागों की अनुमति के कागजात भी तलब किए है।
कैराना में यमुना खादर के मामौर गांव के पास रेत खनन का पट्टा आवंटित किया है। इसके बाद पट्टाधारक के कर्मचारियों ने कार्य शुरू कर दिया। इसी बीच यमुना नदी पर अस्थायी पुल बना दिया गया। प्रशासनिक अधिकारी पुल की सिंचाई विभाग से अनुमति होने का दावा करते रहे हैं। यह पुल एक सप्ताह पूर्व हुई बारिश के कारण यमुना में पानी आने से क्षतिग्रस्त भी हो गया था। प्रशासन को रात के अंधेरे में खनन की सूचनाएं मिल रही थी। एसडीएम डॉक्टर अमित पाल शर्मा ने बताया कि सोमवार रात तहसीलदार रनबीर सिंह के साथ खनन प्वाइंट पर छापेमारी की। मौके पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। एसडीएम ने बताया कि खनन पट्टे पर खुदान होता नहीं मिला है, लेकिन पास में ही एक-दो जगह से मिट्टी उठाने के निशान पाए गए है। खनन प्वाइंट पर नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जिनकी तीन दिन पहली फुटेज भी देखी गई है। फुटेज में रात में खनन होता नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने बताया कि यमुना नदी पर पट्टाधारक द्वारा जो मिट्टी डालकर अस्थायी पुल बांधा जा रहा है, उसकी सिंचाई विभाग और पर्यावरण विभाग की अनुमति के कागजात खनन अधिकारी के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अस्थायी पुल मानक के अनुरूप ही बनाने दिया जाएगा। यदि पट्टे पर नियम विरुद्ध खनन किया जाता है, तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पशु चेकपोस्ट बंद मिला
कैराना। मामौर खनन प्वाइंट पर छापेमारी के बाद एसडीएम डा. अमित पाल शर्मा यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर स्थित पशु चेकपोस्ट पर पहुंचे। यह चेकपोस्ट बंद पाया गया। बता दें, पिछले दिनों एसडीएम की छापेमारी में निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली करते हुए दो कर्मचारियों को रंगेहाथों पकड़ा गया था। आरोपियाें को जेल भेजा गया था और ठेकेदार के विरुद्ध भी रिपोर्ट दर्ज कर ठेका निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद से ठेके पर जिला पंचायत के कर्मचारी बैठाए गए हैं।