बिजली जाते ही टेलीफोन एक्सचेंज हो जाता है ठप
झिंझाना। कस्बे में बीएसएनएल का टेलीफोन एक्सचेंज सफेद हाथी बनकर रह गया है। जितने समय बिजली सप्लाई कस्बे में होती है, उतने समय ही बेसिक फोन व मोबाइल फोन चलते हैं। सभी सरकारी दफ्तरों में बीएसएनएल के सीयूजी मोबाइल होने के कारण लोग अधिकारियों तक अपनी समस्या बताने में असमर्थ है। उपभोक्ताओं में रोष बना हुआ है। कस्बे में बीएसएनएल सेवा ठप है। मोबाइल फोन के अलावा बेसिक फोन बिजली सप्लाई ठप होते ही बंद हो जाती है। कस्बे के दोनों बैंक पीएनबी और एसबीआई में भी बीएसएनएल की सेवा है। सप्लाई बंद होते ही बैंकों की कनेक्टीविटी फेल हो जाती है। इसके अलावा मोबाइल फोन सेवा बाधित रहती है। सभी सरकारी दफ्तरों में इसी कंपनी के सीयूजी नंबर जारी है। लोग अधिकारियों से फोन पर अपनी समस्या तक नहीं बता पाते। मोबाइल फोन उपभोक्ताओं ने अपने नंबर प्राइवेट कंपनी में पोर्ट कराने शुरू कर दिए हैं।
टेलीफोन एक्सचेंज के इंचार्ज राकेश शर्मा से बात करने पर उन्होंने बताया कि दो माह से विभाग ने जेनरेटर के लिए प्रति माह मिलने वाले तीन सौ लीटर डीजल की आपूर्ति बंद कर दी है। इसके अलावा यहां लगे बैटरी भी लगभग पांच साल पुराने हो चुके हैं। बिजली सप्लाई चौबीस घंटे में मात्र 12 घंटे होती है। यहां 25 बेसिक फोन के अलावा मोबाइल का टावर लगा हुआ है। बिना जेनरेटर के डीजल के कारण समस्या आ रही है। उपभोक्ता हैदर, सोनू सैनी, देशपाल, रामबीर, इसाक, धर्मबीर, बिल्लू शर्मा, यश शर्मा आदि ने एसडीओ रामजीलाल वर्मा को अपनी शिकायत कर फोन सेवा सुचारु कराने की मांग की है। इस संबंध में एसडीओ रामजी लाल वर्मा ने बताया कि रविवार को एक्सचेंज में बैटरी बदलवा दिए हैं। अब मोबाइल व ब्रॉडबैड सुविधा बाधित नहीं होगी।