ग्राम पंचायतों को छोड़कर सभी विभाग ऑनलाइन
शामली। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए जिले की ग्राम पंचायतों को छोड़कर सभी सरकारी विभागों में पिछले ढाई माह से ई- टेंडरिंग व्यवस्था लागू हो गई है। ई- टेडरिंग व्यवस्था लागू होने से ठेकेदारों में होड़ मच गई है। मगर, अभी तक आफलाइन के माध्यम से कागजात जमा कराए जा रहे हैं। इस व्यवस्था के लागू होने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। साथ ही रोजगार का अवसर भी बढ़ा है। कोई भी ठेकेदार अब घर बैठे ऑनलाइन टेंडर भर सकता है।
एक अक्तूबर 2017 से शासन द्वारा सरकारी विभागों पर ई- टेडरिंग की व्यवस्था लागू की गई थी। इससे पहले सितंबर माह में ही ई- टेंडरिग व्यवस्था लागू करने के मकसद से डीएम की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट मे विभागों के अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया गया। एक अक्तूबर से लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत, आरईएस, विद्युत, स्वास्थ्य विभाग, जिला पूर्ति विभाग, राजस्व, जिला निर्वाचन अधिकारी, जल निगम, गन्ना विभाग, नगर पालिका व नगर पंचायतों समेत ज्यादातर विभागों में ई- टेडरिंग व्यवस्था लागू हो गई है। ई- डिस्ट्रिक मैनेजर शशांक मित्तल ने बताया कि जिले की ग्राम पंचायतों को छोड़कर ज्यादातर विभागों में ई-टेंडर व्यवस्था लागू होगई है। उन्होंने बताया कि तकनीकी खामियों से सिर्फ आफलाइन कागजात जमा कराए जा रहे हैं। जिले में लोक निर्माण विभाग में सड़कें आदि विकास कार्यों व मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण द्वारा शामली रेलपार बाईपास का निर्माण ई- टेंडर व्यवस्था से हुआ है। स्वास्थ्य विभाग में ई-टेडरिंग व्यवस्था लागू होने के बाद सीएमओ राजकुमार बताते हैं कि ई- टेडरिंग से पारदर्शिता को बढ़ावा मिला है। इसमें कोई भी जानकारी छिपी हुई नही हैं। लोकनिर्माण विभाग के सहायक अभियंता ललित अग्रवाल ने बताया कि जिले में लोक निर्माण विभाग में काफी समय में ई- टेंडरिंग की व्यवस्था लागू है।