भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास सुमित कृष्ण ठाकुर ने कहा कि मनुष्य जीवन प्रयत्न सुख की खोज संसार में करता है, परंतु वास्तविक सुख मनुष्य के भीतर ही समाया है। जिस पर अज्ञान स्वरूपी काली लग जाने से उसकी अनुभूति नही होती है। इसलिए वास्तविक आनंद प्राप्त करने के लिए ज्ञान की आवश्यकता है।
कथा व्यास सुमित कृष्ण ठाकुर ने कहा कि मनुष्य के बंधन व मोक्ष का कारण मन है। इस मन को परमात्मा के श्रीचरणों से जोड़ दे तो यह मन हमारे मोक्ष का कारण बन जाता है। यदि मन को संसार की तरफ जोड़ दे तो यही मन बंधन का कारण बन जाता है। इसलिए मन में सदा परमात्मा का वास कर अपने मन को सदा काम, क्रोध, मोह, ममता ईर्ष्या रहित रखना चाहिए। निर्मल मन के द्वारा ही परमात्मा को पाया जाता है। कथा में मुख्य यजमान रोहित गुप्ता, मोहित गुप्ता रहे। इस दौरान तेजपाल, बिल्लू, अनीता सैनी, रजत कांबोज, पोपी, रणवीर सिंह, शोभाराम, शुभम सिंघल, मोहन लाल, रूपराम, कमल सैनी, अमित गोयल आदि रहे।