सरकारी अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी में महिला डॉक्टर के नहीं मिलने पर मरीजों ने जमकर हंगामा किया। मरीज महिला चिकित्सक के घर पर पहुंच गए। इस पर चिकित्सक ने मरीज को देखने से इंकार कर दिया। इस मामले की शिकायत डीएम से की गई। डीएम के आदेश पर सीएचसी प्रभारी ने सीएमओ ने महिला चिकित्सक की रिपोर्ट भेज दी है।
जनपद में अभी जिला अस्पताल बनकर तैयार नहीं हुआ है। इस कारण यह अस्पताल जिला अस्पताल के रूप में काम कर रहा है। अस्पताल में दो महिला डाक्टर तैनात हैं। एक सर्जन डाक्टर मंजीत कौर जो पूर्व सीएमओ रह चुकी है, दूसरी हैं डाक्टर अनिता बत्रा। रोजाना कई सौ महिलाएं शामली में अपना उपचार कराने तथा डाक्टर की सलाह लेने के लिए आती है। मंगलवार को सरकारी अस्पताल में भीड़ लगी हुई थी। महिलाएं अपना इलाज कराने के लिए अस्पताल में आई हुई थी, लेकिन ओपीडी में कोई महिला डाक्टर नहीं थी। घंटों तक प्रतीक्षा करने के बाद जब महिला डाक्टर नहीं आई, तो मरीजों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। मरीज ढूंढते हुए महिला डाक्टर के आवास पर जा पहुंचे। मरीजों का आरोप है कि महिला चिकित्सक ने घर पर देखने से इंकार कर दिया। इसके बाद मरीजों ने मामले की शिकायत डीएम इंद्र विक्रम सिंह को कर दी है। डीएम ने मामले में तत्काल चिकित्साधीक्षक डाक्टर जगमोहन को मामले की रिपोर्ट सीएमओ को सौंपने के निर्देश दिए। इसके बाद चिकित्साधीक्षक ने डाक्टर मंजीत कौर के वेतन पर रोक लगाने की संस्तुति करते हुए जांच कर कार्रवाई की रिपोर्ट सीएमओ डाक्टर राजकुमार को रिपोर्ट भेज दी है। उधर सीएमओ ने मामले में महिला डाक्टर से स्पष्टीकरण मांगा है।
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दो महिला डाक्टर तैनात हैं, जिनमें से डाक्टर अनिता बत्रा की ड्यूटी कहीं ओर लगी हुई थी। डाक्टर मंजीत कौर को ओपीडी करनी थी, मरीजों ने डीएम को शिकायत की, तो मामला संज्ञान में आया। उनका वेतन रोकने की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी है।
-डाक्टर जगमोहन
सीएचसी प्रभारी
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संजय