पिछले सप्ताह से पहाड़ों व मैदानी क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के चलते यमुना उफान पर आ गई हैैं। यमुना का जलस्तर सोमवार को 229.75 मीटर पर पहुंच गया। वहीं, यमुना के तेज बहाव के चलते हैदरपुर में जमीन का कटाव होने के कारण आधा दर्जन किसानों की सैकड़ों बीघा फसल यमुना में बह गई।
कई दिनों पहाड़ों व मैदानी क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है, हालांकि दो दिनों से मैदानी क्षेत्रों में बारिश रुकी हुई है, लेकिन पहाड़ों में बारिश का दौर रुक रुक कर जारी है। यमुना नदी में हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ दिया गया। सोमवार को यमुना चेतानी बिंदु से केवल 25 सेमी नीचे बह रही थी। रविवार को यमुना का जलस्तर 228.28 मीटर था। वहीं सोमवार दोपहर यमुना का जलस्तर बढ़कर 229.50 मीटर हो गया, जबकि शाम छह बजे यमुना खतरे के चेतावनी बिंदु से केवल 25 सेमी नीचे 229.75 मीटर पर बह रही थी। यमुना में अधिक पानी आने के कारण तेज बहाव के चलते हैदरपुर में भूमि का कटान शुरू हो गया। यमुना में जिसके चलते यमुना पुल से सटे गांव हैदरपुर के किसान ईश्वर, ओमप्रकाश, मंगलसैन, रोहताश, रामबीर, रामू व सोमदत्त की खड़ी ज्वार, ढेंचा व गन्ने की फसल भी पानी में बह गई। रविवार को यमुना में पानी के बहने की गति जहां केवल आठ किलोमीटर प्रतिघंटा थी। वहीं सोमवार को यमुना पुल के नीचे पानी के बहने की गति बढ़ कर 13 किलोमीटर प्रति घंटा होने के कारण यमुना के तटवर्ती गांवों को खतरा बना हुआ है। सिंचाई विभाग के बेलदार राजकुमार शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में बारिश के कारण यमुना का जलस्तर अचानक बढ़ कर 229.75 मीटर पहुंच गया है, जिसके रात तक बढ़ने की संभावना है।