कस्बा का गंदा पानी नाले द्वारा मामौर झील में डालने का किसानों ने विरोध किया है। तहसील दिवस में पहुंचे किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कहा कि मामौर झील ओवरफ्लो होकर तीन बार टूट चुकी है, जिस कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। मांग की कि कैराना का पानी झील में डालने से बंद कराया जाए।
पिछले दो महीने के भीतर मामौर झील तीन बार टूट गई, जिस कारण आसपास के खेतों में गंदा पानी घुस गया और लगभग 300 बीघा फसल बर्बाद हो गई। मंगलवार को गांव मवी और मामौर के किसानों ने तहसील दिवस में पहुंचकर डीएम को ज्ञापन दिया। बताया कि कैराना से आने वाले नाले के पानी के कारण बार बार मामौर झील टूटती है। मांग है कि कैराना के नाले को बंद कराया जाए तथा मामौर झील के पानी की निकासी का हल कराया जाए। मौके पर किसान शिवकुमार, दिलशाद, ओम कुमार, प्रमोद, अनिल वाज, पप्पू, सुमित, तेजपाल, विकास और संजय आदि मौजूद रहे।
भाकियू ने की भारसी नाले की सफाई की मांग
शामली। भाकियू युवा जिलाध्यक्ष पप्पू मलिक ने किसानों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर भारसी नाले की सफाई कराने की मांग की। उनका कहना है कि सफाई न होने की वजह से बरसात के दिनों में उसका पानी आसपास के खेतों में घुस जाता है। इसके अलावा गांव कमालपुर के फुंका ट्रांसफार्मर बदलवाने, कैराना कस्बा के गंदे पानी की वजह से ओवरफ्लो हो रही मामौर झील की समस्या का समाधान कराने, ग्राम सकौती में बंद पडे़ सरकारी नलकूप को संचालित कराने की मांग की। इस दौरान काफी किसान मौजूद रहे।