जिले में स्मॉग का कहर जारी है, शुक्रवार को भी दिन भर धुंध छाई रही। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण विभाग के हवाले से डीएम ने बताया कि जिले में वायु प्रदूषण का स्तर 200 एक्यूआई से भी कम है , लेकिन प्रशासन हर संभव कदम उठा रहा है। इसके अलावा फसल अवशेष जलाकर प्रदूषण फैलाने वाले 20 किसानों पर ढाई-ढाई हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
दिवाली के बाद से ही जिले में आसमान में धुंध छायी है। शुक्रवार को भी दिन भर यही हाल रहा। धुंध के कारण लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ होती रही। इसी वजह से कुछ अभिभावक अपने बच्चे को मास्क लगाकर स्कूल जा रहे हैं। शुक्रवार को कुछ लोग तो दुकानों पर भी मास्क लगाकर काम करते दिखे।
डीएम अखिलेश सिंह के अनुसार जिले में फसल अवशेष जलाने वालों को चिह्नित करने के लिए जिला स्तर पर मॉनेटरिंग टीम सक्रिय कर दी गई है। सभी एसडीएम और तहसीलदारों को अपने तहसील स्टाफ के माध्यम से फसल अवशेष जलाने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई करने को कहा गया है। टीमों ने तेजी से काम किया है। 20 किसानों पर जुर्माना लगा दिया गया है।
इन किसानों पर हुई कार्रवाई
खोड़समा गांव निवासी सुमित कुमार, जगपाल, मांगेराम, राजबीर, सुधीर कुमार, महेंद्रपाल, बाबूराम के परिवार के दो खेतों पर, सुखविंद्र कौर, रंगाना गांव के सुरेशपाल, बल्लामाजरा के रमेश, टोड़ा गांव के पूरण सिंह और जगदीश, दथेड़ा गांव के अमित और सुरेंद्र, खानपुर के भूपेंद्र, कैराना क्षेत्र के मामौर निवासी कालू, राजकनगर के किसान विजयपाल शामिल हैं। इन सभी पर ढाई-ढाई हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
प्रशासन ने कहा ज्यादा चिंता की बात नहीं
डीएम ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने कैराना रोड और शुगर मिल के निकट प्रदूषण मापक यंत्र की अस्थायी रुप से व्यवस्था की है। जिसके माध्यम से औसत प्रदूषण का स्तर 200 एक्यूआई से भी कम मिला है। 200 से कम होना ज्यादा चिंताजनक नहीं है फिर भी प्रशासन ने कदम उठाए हैं। पराली जलाने वाले सख्त कदम उठाए हैं। फसल अपशिष्ट जलाए जाने पर ऊन, झिंझाना क्षेत्र के 20 किसानों पर ढाई-ढाई हजार रुपये जुर्माना संबंधित तहसील प्रशासन द्वारा किया गया है। लोगों से घरों के बाहर पानी का छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
एनजीटी के आदेशानुसार जिले में फसल अवशेष जलाने वाले किसानों को चिह्नित करने के लिए जिला स्तर पर कमेटी बनाई गई है जिसे सक्रिय कर दिया गया है। एसडीएम और तहसीलदारों के माध्यम से भी तहसील के फील्ड स्टाफ के माध्यम से ऐसे किसानों को चिह्नित किया जा रहा है। ब्लॉक स्तर पर ग्राम प्रधानों की बैठक में भी उन्हें जागरूक किया जा रहा है कि वे अपने गांवों में मुनादी कराकर भी ग्रामीणों की इसकी जानकारी दें। जुर्माने के बाद भी यदि कोई फसल अवशेष जलाता है तो उस पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
- अखिलेश सिंह, डीएम शामली
एनजीटी के आदेशानुसार डीएम के निर्देश पर फसल अवशेष जलाने वाले जिले के 20 किसानों को चिह्नित किया गया है। शाम को कृषि उपनिदेशक शिवकुमार केसरी ने बताया कि सभी किसानों को नोटिस जारी किए गए थे। जिस पर संबंधित तहसील प्रशासन के माध्यम से इन पर प्रति किसान ढाई-ढाई हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। -
शिव कुमार केसरी, कृषि उपनिदेशक
इस तरह करें बचाव
घर के बाहर पानी का छिड़काव करते रहें।
स्मॉग के वक्त जहां तक संभव हो बाहर जाने से बचें ।
घर में गमलों में अधिक से अधिक पौधे लगाकर रखें।
आंख पर चश्मा लगाकर और मास्क पहनकर निकलें
शामली में स्मॉग में गुजरते वाहन।- फोटो : SHAMLI