मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर डासना से मेरठ तक तेज गति से कार्य कराने के लिए एनएचएआई ने कमर कस ली है। छह नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक से पहले एनएचएआई रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
शुक्रवार को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के परियोजना अधिकारी आरपी सिंह सहित अन्य अधिकारी परतापुर तिराहे पहुंचे। यहां उन्होंने निरीक्षण कर बीच में आ रहे पेट्रोल पंप, ढाबे और मकानों ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करा दी। वहीं, जिन मालिकों का मुआवजा नहीं मिल सका है उनका निस्तारण एक सप्ताह के अंदर कराने का आश्वासन दिया है।
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा एक्सप्रेसवे को जनवरी-2020 में शुरू करने के दावे के बाद एनएचएआई अधिकारी पशोपेश में हैं। डासना से मेरठ 32 किमी के निर्माण में कई स्थानों पर जमीन का पेंच फंसा है।
इस संबंध में बुधवार को लखनऊ में प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में बैठक हो चुकी है। हालांकि जमीन के मामलों पर फैसला अभी नहीं हो सका है। इसी को लेकर किसान भी पदयात्रा निकाल रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी एनएचएआई निर्माण में तेजी के लिए प्रयास कर रहा है।
निर्माण पर रोक खत्म के बाद होगा डायवर्जन
वहीं, परतापुर तिराहे पर बनाए जाने वाले इंटरचेंज के लिए तीन अंडरपास का कार्य किया जाना है। एक अंडरपास तैयार हो चुका है। वही,ं दूसरे और तीसरे अंडरपास का कार्य डायवर्जन के बाद ही किया जा सकता है। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर बने पिलर पर गाटर रखने के लिए भी डायवर्जन की जरूरत पड़ेगी। हालांकि, इसके लिए चार नवंबर की तिथि तय की गई थी, लेकिन वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर से निर्माण कार्य पर रोक लग जाने के कारण फिलहाल डायवर्जन टाल दिया गया है। दस अक्तूबर के आसपास डायवर्जन लागू किया जा सकता है। जिससे रोडवेज बसें वाया हापुड होते हुए दिल्ली और मेरठ आएंगी।
सर्विस रोड के लिए खुदाई शुरू
अधिकारियों के सख्त आदेशों के बाद शुक्रवार से ही दिल्ली की तरफ भी सर्विस रोड के निर्माण के लिए खोदाई शुरू कर दी गई है। वहीं, पेट्रोल पंप को भी हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा परतापुर से भूडबराल तक एक्सप्रेसवे की जद में आ रहे मकान और रेस्टोरेंट को भी ध्वस्त करने की चेतावनी दे दी गई है।
फिलहाल टाल दिया डायवर्जन
अभी निर्माण कार्य पर रोक के चलते डायवर्जन टाला गया है। दस नवंबर के आसपास कार्य शुरू कर डायवर्जन प्लान लागू कर दिया जाएगा। वहीं, इससे पहले सभी ध्वस्तीकरण कार्य कर लिए जाएंगे - आरपी सिंह, परियोजना अधिकारी, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे