अपात्रों को सूची में शामिल करने का आरोप
शामली।
नगर पालिका परिषद के एक सदस्य ने डीएम से मिलकर प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में अपात्र लोगों का लाभ दिए जाने व पात्र लोगों को सूची से बाहर किए जाने की शिकायत की है। सदस्य ने शिकायत में अवगत कराया है कि डूडा विभाग के जेई द्वारा जांच की गई, तो अपात्र लोगों का खुलासा हुआ है। पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
बृहस्पतिवार को शामली नगर पालिका परिषद के वार्ड 23 के सदस्या निशी रानी व उसके पति निशिकांत संगल ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम इंद्र विक्रम सिंह से मिले। डीएम को शिकायती पत्र देकर प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में डूडा विभाग द्वारा अपात्र लोगों को सूची में शामिल करके लाभ दिया जा रहा है, जबकि पात्र लोगों को सूची से वंचित कर दिया गया है। डूडा विभाग के जेई द्वारा मौके पर जांच की गई तो अपात्र लोगों का खुलासा हुआ। सदस्य ने शहरी प्रधानमंत्री आवास योजना में सूूची की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। डीएम ने डूडा के परियोजना निदेशक को जांच कराने के निर्देश दिए हैं। डूडा के परियोजना निदेशक आरपी सिंह ने बताया कि सदस्य का शिकायती पत्र मिला है। वह सदस्य से सूची तलब करके जांच कराएंगे। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना पात्र लाभार्थी को 2.50 लाख रुपये मिलेंगे। प्रथम किश्त 50 हजार रुपये, दूसरी किश्त एक लाख रुपये, तीसरी किश्त में 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
क्या है मापदंड :
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में पक्के मकान न हो, नगरपालिका परिषद व नगर पंचायत का निवासी हो, तीन लाख रुपये की आय हो, आवेदक के पास अपना भूमि प्लाट हो। कच्चे मकान को तोड़कर पक्का मकान बनाना चाहता हो, 30 वर्ग मीटर के एक कमरे में शौचालय निर्माण पर योजना में शामिल किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में कच्चे मकानों की श्रेणी में कड़ी वाले मकानों को शामिल किया गया है।