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जातीय टीम लगाई, पूरा संगठन जुटा, पर नहीं मिली जीत

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जातीय टीमें लगाई, पूरा संगठन जुटा, नहीं मिली जीत
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शामली।
कैराना लोकसभा सीट का उपचुनाव जीतने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत लगाई। जातीय नेताओं की टीम बनाईं, तो विभिन्न वर्गों को साधने के लिए नेताओं की जिम्मेदारी तय की गई। बावजूद इसके उपचुनाव में भाजपा को जीत नहीं मिल पाई।
भाजपा ने कैराना लोकसभा सीट का उपचुनाव प्रतिष्ठा से जोड़कर लड़ा। यही वजह थी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा क्षेत्र में दो जनसभाएं कीं, तो उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उससे पहले झिंझाना में पिछड़ा वर्ग का बड़ा सम्मेलन किया था। इसके अलावा जातीय समीकरणों को साधने के लिए भाजपा ने अलग अलग जातियों के नेताओं को लगाया। जाट बिरादरी में पकड़ मजबूत करने के लिए सांसद संजीव बालियान को जिम्मेदारी दी गई, लेकिन जाटों को लुभाने में वह कामयाब नहीं हो सके। गठवाला खाप के गांवों में जाटों का रुझान रालोद की तरफ ही रहा। वहीं, गुर्जर बिरादरी के वोटरों को साधने के लिए नवाब सिंह नागर, कश्यप बिरादरी में मजबूती के लिए आंवला (बरेली) से सांसद धर्मेंद्र सिंह कश्यप को लगाया गया था। वहीं, दलित समाज में पकड़ मजबूत करने के लिए सांसद कांता कर्दम और पूर्व मंत्री अशोक प्रधान को जुटाया गया था।
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काम नहीं आई पदाधिकारियों की फौज
भाजपा ने कैराना उपचुनाव की संचालन समिति भी बनाई थी, जिसमें देवेंद्र सिंह को प्रभारी, अशोक मोगा सह प्रभारी, हरवीर मलिक संयोजक, राजीव गर्ग समन्वयक, जेके जैन सह संयोजक, मामचंद्र लम्बा सह संयोजक, जशवंत कश्यप सह संयोजक, शिरत सिंह गुर्जर सह संयोजक, विशेष कोरी सह संयोजक, ओपी कौशिक मुख्य निर्वाचन अभिकर्ता, सुरेश आचार्य कार्यालय प्रमुख, हरिओम पाठक और करुणेशनंदन कार्यालय टोली, संजीव सिक्का व्यवस्था प्रमुख, प्रताप चौधरी और देशबंधु तोमर प्रत्याशी जनसंपर्क प्रमुख, अमित विश्वकर्मा कार्यक्रम प्रमुख, मनोज शर्मा व जयकरण गुप्ता सभा प्रमुख, राकेश गर्ग व अशोक कटियार बस्ता प्रमुख, सतेंद्र धीरयान व विवेक रस्तोगी प्रशासनिक प्रमुख, पंकज गुप्ता व सुदेश अहलावत भोजन प्रमुख, राजन बत्रा आवास प्रमुख, संदीप चौहान व संदीप शर्मा अतिथि प्रमुख, आलोक सिसौदिया, गजेंद्र शर्मा व यशपाल पंवार मीडिया प्रमुख और कपिल पंवार व सचिन जैन सोशल मीडिया प्रमुख बनाए गए थे।
- सांसद और मंत्रियों का रहा था जमावड़ा
उपचुनाव के लिए जहां भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पाण्डेय भी शामली आए थे, तो गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा, राज्य मंत्री लक्ष्मीनारायण सिंह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल, सांसद कांता कर्दम, राज्य मंत्री धर्म सिंह सैनी, सांसद संजीव बालियान, सांसद धर्मेंद्र कश्यप, विधायक कपिल देव अग्रवाल, विधायक विजय कश्यप सहित 25 से ज्यादा जनप्रतिनिधि को चुनाव में लगा दिया गया था।
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अपनों की कमी को बता रहे जिम्मेदार
शामली। भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा का कहना है कि जिन लोगों ने मेरठ महानगर और मुजफ्फरनगर नगर पालिका का चुनाव हराया, उन्हीं लोगों को कैराना उपचुनाव में जिम्मेदारी सौंप दी गई। जनता में मोदी और योगी के प्रति भरोसा तो कायम है, लेकिन पार्टी के नेता एयरकंडीशनर कमरों तक सिमटे रहे, जबकि जनता के बीच पहुंचकर केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के जरिये जनता में पकड़ बनानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि 2019 के चुनाव में भाजपा की ही जीत होगी।
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