वॉलीबाल इंडियन टीम में हुनर दिखाने को बेताब विपुल
शामली
खेल क्षेत्र में शामली जनपद का नाम रोशन करने वालों में एक और प्रतिभा का नाम जुड़ गया है। छोटे से गांव बुटराडी के किसान परिवार के बेटे विपुल मलिक ने वॉलीबाल में शानदार प्रदर्शन कर इंडियन टीम में चयनित होने के लिए मजबूत दावेदारी की है। एशियन गेम्स के लिए चयनित होने वाली टीम के लिए उसने औरंगाबाद में कैंप किया, जिसमें वह टॉप 20 में चयनित हो गया है। हालांकि टीम में 12 खिलाड़ियों का ही चयन होना है।
औरंगाबाद का कैंप करके सोमवार को ही विपुल अपने गांव बुटराड़ी पहुंचा। इस दौरान विपुल ने परिवार के लोगों को बताया कि वह इंडियन टीम के लिए टॉप 20 में तो शामिल हो गया है। अब 10 मई से पटियाला में होने वाले कैंप में जाएगा। परिवार के लोगों ने बताया कि विपुल रेलवे में टीटीई के रूप में कार्यरत है और इनदिनों गुवाहाटी में तैनात है। इंडियन रेलवे की टीम में चयनित होकर उसने नेशनल प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया, जो इसी साल 21 फरवरी से 28 फरवरी तक केरल में हुई। उसमें इंडियन रेलवे की टीम द्वितीय स्थान पर रही। इसके बाद 11 मार्च से 18 मार्च तक आंध्र प्रदेश में फेडरेशन कप में हिस्सा लिया, जिसमें भारत की टॉप आठ टीमें शामिल रहीं। वहां भी इंडियन रेलवे की टीम द्वितीय स्थान पर रही और विपुल को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार मिला। उसके बाद ही विपुल मलिक को इंडियन टीम में शामिल होने के लिए 28 अप्रैल तक औरंगाबाद में चले कैंप में शामिल होने का मौका मिला। वहां पर एशियन गेम्स के लिए टीम का चयन होना है। विपुल ने बताया कि वॉलीबाल खेलने की प्रेरणा उसे अपने मामा रामेश्वर दत्त से मिली। उन्होंने ही देहरादून के खेल हॉस्टल में उसका दाखिला कराया था। साथ ही ममेरे भाई भारतवीर सिंह ने खेल में आगे बढ़ने के लिए हर मोड़ पर उसका साथ दिया। विपुल की कामयाबी से उसके परिवार के लोगों में खुशी है। उसके पिता नरेंद्र सिंह, मां नीरज देवी, छोटा भाई बादल, ममेरे भाई अभिनव ने हर्ष जताया है और इंडियन टीम में शामिल होने की कामना की है।