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इस बार आठ दिन के होंगे श्री दुर्गा नवरात्र व्रत

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नवरात्र महोत्सव आज से शुरू
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शामली। इस बार चैत्र नवरात्र महोत्सव आठ दिन के होंगे। रविवार से नवरात्र व्रत शुरू होगा। 25 मार्च को अष्टमी-नवमी एक दिन होने के कारण व्रतों का समापन होगा। शनिवार को दुर्गा नवरात्र महोत्सव के मंदिरों में तैयारियां पूूूरी कर ली गई हैं।
रविवार को मां दुर्गा के नवरात्र महोत्सव सुबह 6.21 बजे कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा नवरात्र व्रत प्रारंभ हो जाएंगे। पहले दिन मां शैलपुत्री की विशेष पूजा-अर्चना होगी। द़ुुर्गा नवरात्र आठ दिन के होंगे। 25 मार्च रविवार को समाप्त होगे। रविवार को दुर्गा अष्टमी और नवमी एक दिन पड़ेगा। मां दुर्गा नवरात्र के मद्देनजर शहर के हनुमान धाम, गोशाला रोड मां सती मंदिर, राजो मोहल्ला मां चौदस वाला मंदिर, टंकी रोड स्थित माता वैष्णो देवी-भैरव मंदिर, मां शाकंभरी देवी मंदिर, मोहल्ला रेलपार स्थित मां शिव, दुर्गा मंदिर, पुुरानी सब्जी मंडी व करनाल रोड स्थित मां शाकंभरी देवी मंदिर, माजरा रोड स्थित भाकूवाला मंदिर, बुढ़ाना रोड स्थित बलभद्र मंदिर, कैराना रोड स्थित गुलजारी वाला मंदिर, नवीन मंडी स्थल मां दुर्गा, शिव मंदिर, मोहल्ला बरखंडी महादेव मंदिर, मोहल्ला सदा शिव मंदिर समेत धार्मिक स्थलों पर नवदुर्गा महोत्सव की सफाई व्यवस्था कर तैयारियां पूरी कर दी गई है। हनुमान धाम के प्रधान सलील द्विवेदी व कोषाध्यक्ष जोगेंद्र पाल सेठी ने बताया कि मां दुर्गा नवरात्र महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई है। पंडित कुशलानंद जोशी व पंडित प्रेमकिशोर कोठारी ने बताया कि मां दुर्गा नवरात्र इस बार आठ दिन के होंगे। रविवार से मां दुर्गा के नवरात्र शुरू होकर 25 मार्च को अष्टमी-नवमी एक होने के कारण व्रतों का समापन होगा। मां दुर्गा नवरात्र महोत्सव पर मां दुर्गा पूजा के लिए नारियल, चुनरी, देशी घी, कुट्टू का आटा, फल और फूलों से पूजा का विधान हैं।
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कैसे करें मा दुर्गा व कलश पूजन
सुबह उठकर स्नान करने के बाद उत्तर पूरब दिशा में चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ साथ श्रीगणेेश-श्री लक्ष्मी प्रतिमा स्थापित करे। मिट्टी स्टील के कलश में पानी- गंगा जल डालकर स्थापित करें। मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष घी की अखंड ज्योति प्रज्वलित करके फल- फूलों से मां की विशेष पूजा अर्चना करे। दुर्गा स्त्रोत, मंत्र सप्तशती पाठ के साथ- साथ चालीसा व आरती के साथ पूजा समाप्त करें।
नवरात्र पूजन व कलश स्थापना
सुबह 6.21 बजे से लेकर दोपहर 11.30 बजे तक
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