सेहत महकमे में डॉक्टर कुर्सी पर नहीं मिलते हैं और मरीज परेशान रहते हैं। बुधवार को एसीएमओ द्वारा किए गए निरीक्षण में सीएचसी प्रभारी ऊन अनुपस्थित मिले। इसके अलावा कई ओर खामियां मिली। मामले में रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी गई है।
स्वास्थ्य अधिकारी ऊन सीएचसी का निरीक्षण करने के लिए करीब डेढ़ बजे सीएचसी पर पहुंच गए। सीएचसी पर चिकित्साधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार गैर हाजिर मिले। इसके अलावा स्टाफ नर्स रमनजीत की रजिस्टर में छह दिसंबर से 13 दिसंबर तक की सीएल लगी हुई मिली, लेकिन छुट्टी का प्रार्थना पत्र वहां नहीं मिला। इसके अलावा ब्लॉक अकाउंट मैनेजर भी अनुपस्थित मिले। पूछने पर बताया कि वह अस्पताल में है, जबकि उनकी उपस्थिति लगी हुई मिली। जिस पर एसीएमओ ने गंभीरता से लेकर जांच शुरू करा दी कि उपस्थिति किसने दर्ज की? स्टाफ नर्स मैरी द्वारा पूरे महीने में अब तक हाजिरी नहीं लगाई गई, जिस पर एसीएमओ ने नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा आरबीएसके की डॉ. रेणू द्वारा छुट्टी के नो दिसंबर को प्रार्थना पत्र दिया गया, जबकि उपस्थिति रजिस्टर में उनकी उपस्थिति मिली। जिस पर एसीएमओ ने स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, इसलिए नियमानुसार सब काम करें।
मेडिकल के लिए झिंझाना से बुलाना पड़ा डाक्टर
ऊन सीएचसी पर दोपहर करीब पौने दो बजे एक मेडिकल कराने के लिए केस आया, लेकिन ऊन सीएचसी पर डाक्टर प्रवीण के ना होने पर मजबूरन झिंझाना सीएचसी से दूसरे डाक्टर को बुलवाया गया। तब जाकर मेडिकल हुआ। जांच करने गए अधिकारी ने इस पर भी नाराजगी जाहिर की।
चिकित्साधीक्षक निरीक्षण में ड्यूटी से गैर हाजिर मिले, इसके साथ ही अन्य कमियां भी पाई गई है, इस मामले में स्पष्टीकरण तलब करने के साथ ही सीएमओ साहब को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
- डॉ. केपी सिंह, एसीएमओ