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पशुचर भूमि की कायाकल्प सुधार होगा, आवारा पशुओं को मिलेगा ठिकाना

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जलालाबाद। आवारा पशुओं को आसरा दिलाने के लिए जलालाबाद में पशुचर की भूमि का कायाकल्प होगा। इसमें 18 हजार फलदार हरे भरे पेड़ लगाकर पानी पीने के तालाब-पोखर विकसित किए जाएंगे। पशुओं के चारे की व्यवस्था की जाएगी।
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कस्बे में पशुचर की लगभग 300 बीघा जमीन दो स्थानों पर है। एक स्थान पर कस्बे की श्रीकृष्ण गोशाला स्थापित है, जिसमें लगभग 450 गोवंश का पालन पोषण क्षेत्र के लोगों के सहयोग और गोशाला समिति द्वारा हो रहा है। पशुचर भूमि का शुक्रवार को वन विभाग के अधिकारी और विकास खंड अधिकारी ने निरीक्षण किया। क्षेत्रीय वन अधिकारी योगेश चंद शर्मा ने बताया कि कस्बे के दोनों स्थानों पर पशुचर भूमि का रकबा लगभग 300 बीघा है। विकास खंड अधिकारी डाक्टर पंकज सिंह ने बताया कि जहां वन विभाग द्वारा पशुचर भूमि पर पौधरोपण कर धरती को हरा-भरा बनाया जाएगा, वहीं प्रदेश सरकार के विकास विभाग द्वारा पशुओं के पीने एवं नहाने के लिए तालाब की तरह पक्के पोखर बना कर तथा खड़े होने के लिए छायादार स्थलों का निर्माण करेगा। इसमें क्षेत्र में आवारा घूमने वाले पशु भी अपना आश्रय बना सकेंगे। उधर, पशुचर भूमि पर विशाल गोशाला का गोवंश भी बिना किसी परेशानी के चरागाह में चरकर वृक्षों की छाया में बैठ सकेंगे। प्रदेश सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना है। जनपद में जहां भी इस तरह की पशुचर या सरकारी भूमि है वहां पर पौधे लगाकर पशुओं के बैठने व पानी चारे की व्यवस्था सरकार कर रही है। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी योगेश चंद शर्मा, वन दरोगा रेंज फिरोज आलम, बीट अधिकारी मोनू कुमार, संजय कुमार, रविंद्र शर्मा, हरीश कुमार आदि मौजूद रहे।
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