अमर उजाला ब्यूरो
शामली। शहर के तीन कॉलेजों के बीएससी और एमएससी के करीब 700 ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति अटक गई है। इसके विरोध में छात्रों ने कलक्ट्रेट पर हंगामा प्रदर्शन किया और शामली-मुजफ्फरनगर मार्ग पर जाम लगा दिया। बाद में डीएम ने छात्रों और संबंधित अधिकारियों को बुलाकर वार्ता की। दोनों ने अपने पक्ष रखे। बाद में डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की जो पता लगाएगी कि इसमें गलती किसकी रही है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभाग संयोजक नीविश कुमार, जिला संयोजक आदित्य कुमार आदि के नेतृत्व में आरकेपीजी कालेज के दर्जनों छात्र सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। बताया कि आरकेपीजी कालेज शामली, सेंट आरसी हायर एजुकेशन बनत और भाजू स्थित एक बीएड कालेज के स्नानतक और परास्नातक करीब 700 से ज्यादा ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति नहीं मिली है। उनकी छात्रवृत्ति संबंधी डाटा संदिग्ध की श्रेणी में डाल दिया है। इस वजह से उनकी छात्रवृत्ति अटकी है।
छात्रों ने कलक्ट्रेट पर नारेबाजी शुरू कर दी। भारत माता की जय के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद छात्र कलक्ट्रेट के बाहर शामली मुजफ्फरनगर मार्ग पर पहुंचे और जाम लगा दिया। पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया। करीब 20 मिनट तक रोड जाम रही। बाद में डीएम ने छात्रों को कलक्ट्रेट सभागार में बुलाया। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी भी वहां बुलाए गए और दोनों में वार्ता कराई।
छात्रों ने ये दिए तर्क
पिछले सालों में भी उन्होंने इसी डाटा से छात्रवृत्ति ली है। इस साल भी यही डाटा गया है। जब पिछले सालों में ये डाटा ठीक था और उन्हें छात्रवृत्ति मिली है तो इस साल इसमें क्या खामी आ गई। उनके एनरोलमेंट नंबर भी मिस मैच दिखाए जा रहे हैं, जबकि एनरोलमेंट नंबर पहले भी यही थे। छात्रों का आरोप था कि संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से वह छात्रवृत्ति से वंचित रह गए हैं। इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई। उनकी छात्रवृत्ति दिलाई जानी चाहिए।
अधिकारियों ने ये दिए जवाब
बकौल डीएम पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने बताया कि छात्रवृत्ति के डाटा में जो आपत्ति लगी थी उनका समय रहते छात्रों या उनके कॉलेेजों को निस्तारण करना था। जिन्होंने ये ठीक करा दिए उन छात्रों की छात्रवृत्ति मिल गई है। जो समय रहते ठीक नहीं कर सके केवल उन्हीं छात्रों की छात्रवृत्ति रुकी है। करीब 46 कॉलेेजों के सभी छात्रों को मिल चुकी है, केवल तीन कालेजों की समस्या रही है।
जांच कमेटी तय करेगी किसकी लापरवाही
डीएम अखिलेश कुमार ने बताया कि केवल तीन कॉलेजों के छात्रों की ये समस्या है। इस संबंध में उन्होंने संबंधित विभाग के सचिव से भी बात की है, उन्होंने बताया कि आपत्तियों का निस्तारण एक समय सीमा में होना था। इसके लिए पूरे यूपी में एक ही डेट निर्धारित थी। अब इनका डाटा ठीक करने की डेट बढ़ानी संभव नहीं होगी। बकौल डीएम छात्रों की मांग पर इस संबंध में सीडीओ की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित कर दी गई है।