अमर उजाला ब्यूरो
शामली। पुरानी पेंशन बहाली करने समेत रेल कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान नहीं किए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने रेलवे स्टेशन पर नारेबाजी करते हुए हंगामा किया।
सोमवार को शामली रेलवे स्टेशन पर ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के आह्वान पर नोर्दन रेलवे मेंस यूनियन दिल्ली मंडल द्वारा रेलवे कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई। जिसमें रेल कर्मचारियों की लंबित मांगों को भारत सरकार द्वारा समाधान नहीं किए जाने के विरोध में हंगामा करते हुए नारेबाजी की। कहा कि एनपीएस हटाओ, पुरानी पेंशन बहाल करो, न्यूनतम वेतन एवं फिटनेस फार्मूले में दिए गए आश्वासन में तत्काल सुधार किए जाने व रेलवे में लगभग दो लाख 60 हजार रिक्त पदों को भरने, सभी सेफ्टी कैटेगिरी में कार्यरत कर्मचारियों का छंटनी में कमी करने की मांग की। महिला कर्मचारियों को मिलने वाली संवेतन चाइल्ड केयर लीव के द्वितीय वर्ष के वेतन से 20 प्रतिशत की कटौती की सिफारिश को रदद किया जाने की मांग की है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के आश्रित माता-पिता को चिकित्सा सुविधा दिए जाने, रेलवे में विभिन्न कर्मचारियों के कार्य, योग्यता, जोखिम, एवं उत्तदायी के अनुसार वेतन व जोखिम भत्ता दिया जाने की मांग की। बैठक में परविंद्र कुमार मलिक, केपी मलिक, रामनाथ, शुभम, सुबोध कुमार, कर्ण सिंह, महेंद्र सिंह, राधेश्याम, इस्लाम, शौकत, अब्बास, अलीशेर, सुधीर कुमार, प्रदीप कुमार, अतुल जिंदल, रूपेश कुमार, ब्रिजेश, सुनील उज्जवल, इमरान, संदीप, सचिन, नीरज, विनोद, पुष्पेंद्र, इंद्रपाल आदि मौजूद रहे।
समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा
शामली। राष्ट्रीय वाल्मीकि समाज प्रतिनिधि मंच के पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय सफाई आयोग के अध्यक्ष मनोहरलाल झाला से मिलकर वाल्मीकि समाज की समस्याओं से अवगत कराते हुए सफाई कर्मचारियों का शोषण रोकने की मांग की है। उन्होंने ठेका कर्मचारियों को वेतमान 18 हजार रुपये प्रतिमाह दिलाए जाने, साप्ताहिक अवकाश दिए जाने की मांग की। मौके पर अध्यक्ष अरविंद झंझोट, रामस्वरूप वाल्मीकि, नंदू प्रसाद, जागेंद्र पारचा, अरुण झंझोट, वर्गिश, प्रमोद कश्यप आदि मौजूद रहे।