रिटायर होने पर खेेती से ही चलेगा घर का खर्चा
शामली। गन्ना सहकारी समिति शामली में सीजनल लिपिक पर तैनात भोपाल सिंह इस माह 28 फरवरी को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ग्राम मुंडेट कला निवासी भोपाल सिंह को साल में सिर्फ नौ माह का ही वेतन मिल पाता है। तीन माह बिना वेतन के रहकर खेती से अपने परिवार का खर्चा चलाना पड़ता है। सेवानिवृत्त होने पर भी खेती से ही घर का खर्चा चल पाएगा।
शामली गन्ना सहकारी समिति के सामयिक लिपिक भोपाल सिंह सीजनल कर्मचारी हैं। वह बताते हैं कि चीनी मिल चालू होने पर एक अक्तूबर से लेकर 30 जून तक ड्यूटी मिलती है। परिवार में पत्नी व तीन बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा दो बेटी विवाहित है। बेटा विकास शहर में प्राईवेट जॉब करता है। वेतन 35 हजार रुपये है। घर के बजट पर प्रतिमाह 25 हजार रुपये खर्चा हो जाता है। बचत के प्रतिमाह दस हजार रुपये तीन माह में घर के बजट पर खर्च हो जाते हैं। अर्द्ध सरकारी संस्था होने के कारण पेंशन की व्यवस्था भी नहीं है। सिर्फ फंड व ग्रेच्युटी की व्यवस्था है। मेरे पास आठ बीघा कृषि भूमि है। 28 फरवरी को सेवानिवृत्त होने के बाद परिवार का खर्चा खेती से ही चलाना पड़ेगा। क्योंकि सरकार ने हमारे जैसे लोगों के बारे में तो कुछ सोचा ही नहीं है। समिति कर्मचारियों के बारे में भी सरकार को अच्छी योजना बनाई चाहिए, ताकि सीजनल कर्मियों का भी कुछ भला हो सके और भविष्य सूकुन से गुजार सकें। सरकार ने आम बजट में समिति कर्मचारियों की सुविधाओं को नजरंदाज किया है।