ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों सहित मिड-डे मिल में घोटाले की आशंका में जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत अलग-अलग सूचना नहीं देने पर उप्र सूचना आयोग ने बाल विकास परियोजना अधिकारी, खंड विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत सचिव को नोटिस जारी कर तलब किया है।
क्षेत्र के ग्राम गोगवान निवासी मोहम्मद मुरसलीन ने पूर्व में अपनी ग्राम पंचायत में प्रधान द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत कराए गए विकास कार्यों की जनसूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत जानकारी मांगी थी। आशंका जताई थी कि गांव में खड़ंजा, नाला निर्माण, सोलर लाइटें आदि में बड़े घोटाले किए गए हैं। इसी के साथ ही शौचालयों में मानक के अनुरूप सामग्री नहीं लगाई गई है। उसमें कितने बजट से शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इससे संबंधित जानकारी मांगी गई थी, लेकिन ग्राम पंचायत सचिव गोगवान व खंड विकास अधिकारी कैराना ने उसे सूचना नहीं दी। वहीं, समाजसेवी ने मिड-डे मिल के बारे में कार्यालय बाल विकास परियोजना अधिकारी कैराना से जनसूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत ही सूचना मांगी। इसमें लगभग छह महीने तक सुचारु रही हौसला पोषण योजना में गर्भवती महिलाओं तथा कुपोषित बच्चों को पुष्टाहार नहीं दिए जाने में घपलेबाजी की आशंका जाहिर की। बाल विकास परियोजना अधिकारी ने भी उसे सूचना उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद मुरसलीन ने उप्र सूचना आयोग में तीनों अधिकारियों की शिकायत कर दी। सूचना आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी कैराना, खंड विकास अधिकारी कैराना व ग्राम पंचायत सचिव गोगवान को नोटिस जारी कर तलब कर लिया। इसमें बीडीओ, सचिव को 16 जनवरी को तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी को 21 जनवरी को आयोग में हाजिर होने के आदेश दिए गए हैं।