शामली। पटरी से पैसेंजर ट्रेन के इंजन उतरने के मामले में लापरवाही तलाशी जा रही है। रेलवे के अधिकारियों की टीम जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को दिल्ली मंडल मुख्यालय में जूनियर ग्रेड स्तर के अधिकारियों की टीम पूरे मामले की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद लापरवाही का खुलासा हो पाएगा।
नियम के अनुसार कोई भी ट्रेन आने व इंजन बदलने के लिए चालक द्वारा ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर को सूचना दी जाती हैं। स्टेशन मास्टर इसकी सूचना दोनों ओर बने केबिनमैन को देकर रेलवे ट्रैक एक, दो, तीन, चार, पांच, छह सात और प्लेटफार्म नंबर पर आने की सूचना देता है। उसी हिसाब से ग्रीन व लाल सिग्नल देकर रेलवे लाइन का क्लीयर होने का संकेत दिया जाता है। निर्धारित लाइन बनाकर केबिनमैन लाइन को क्लीयर करके चालक को अवगत कराता है।
पैसेंजर ट्रेन का इंजन पटरी से उतरने में यही जांच की जा रही है कि किस स्तर पर लापरवाही बरती गई, जो इंजन पटरी से उतर गया। गौरतलब है कि शुक्रवार देर रात 3.15 बजे पैसेंजर ट्रेन 54058 को शामली से दिल्ली रवाना होना था। ट्रेन का इंजन बदलने का क्रम शुरू हुआ, तो इंजन पटरी से उतर गया था। उधर, रेलवे अधिकारियों की टीम ने शामली पहुंचकर रेलवे स्टेशन पर तैनात स्टेशन मास्टर विक्रांत कुमार, इंजन चालक पुनीत कुमार गुप्ता, कांटेवाला शौकत और केबिन ए पर नीरज कुमार तथा केबिन बी पर सूर्या का बयान दर्ज किया। पूरे दिन रेलवे के अफसरों की टीम ने जांच की।
कांटेवाला, केबिन मैन और चालक हैं जांच के दायरे में
जांच टीम में शामिल सहारनपुर से आए सीनियर सेक्शन इंजीनियर (सिग्नल) राजेश कुमार ने बताया कि इंजन बदलने में कांटे वाला शौकत ने ग्रीन सिग्नल चालक को दिया था। बावजूद इसके इंजन गलत ट्रैक पर कैसे पहुंचा इसकी जांच हो रही है। जांच में कांटेवाला शौकत, इंजन चालक पुनीत कुमार गुप्ता और केबिन मैन जांच के दायरे में है। जांच रिपोर्ट तैयार होने पर सहायक मंडल अभियंता एसके सपरा जांच करेंगे।
दिल्ली में होगी फिर पूछताछ
उत्तर रेलवे के यातायात निरीक्षक पवन कुमार ने बताया कि इंजन बदलने में लापरवाही की जांच सोमवार को दिल्ली मंडल मुख्यालय में भी होगी। उसमें जूनियर ग्रेड आफिसरों की टीम मामले की जांच के दायरे में आ रहे रेलवे कर्मचारियो को बुलाकर पूछताछ करेगी। सोमवार की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी कि गलती किस स्तर पर रही।