जिले के राशन कार्ड धारक मुखिया राशन कार्डों को आधार से लिंक करने में लापरवाही बरत रहे हैं। जिला पूर्ति विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 204756 राशन कार्डों के कुल 929874 मुखिया और सदस्यों में से 43.98 प्रतिशत यानी 408951 के यूनिट मुखिया के आधार फीडिंग हो पाए हैं। जिले में 17801 राशन कार्डों के 520923 मुखिया कार्ड यूनिट के आधार कार्ड से राशन कार्ड लिंक नहीं हो पाए हैं। राशन कार्ड आधार से लिंक न होने पर उपभोक्ताओं को खाद्यान्न रुक जाएगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत ऐसे नगरीय क्षेत्र के सभी कार्ड धारकों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गेहूं-चावल ई पॉश मशीन के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। भविष्य में भी नगर व ग्रामीण क्षेत्र के सभी कार्डधारकों के मुखिया सहित परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड से राशन कार्ड लिंक किए जाने हैं। जिले में 14765 अंतोदय, 189991 पात्र गृहस्थी मिलाकर 204756 कुल राशन कार्ड हैं। जिनके सदस्यों व मुखिया मिलाकर कुल 929874 यूनिट सदस्य हैं। अभी तक अंतोदय यूनिट सदस्यों के 20456, पात्र गृहस्थी के यूनिट व मुखिया के 388495 मिलाकर कुल 408951 मुखिया व यूनिट के आधार कार्ड से राशन कार्ड लिंक हो पाए हैं।
आठ जनवरी तक जिले में 43.98 प्रतिशत मुखिया और सदस्य के राशन कार्ड आधार कार्ड से लिंक हो पाए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी ओम हरि उपाध्याय ने बताया कि 17 हजार 801 राशन कार्डों के 520923 मुखिया, यूनिट और सदस्य के राशन कार्ड आधार कार्ड से लिंक नहीं हो पाए है। जिन पात्र राशन कार्ड धारकों के कार्डों में सभी यूनिटों में आधार कार्ड लिंकिज नहीं हुए है। वे तत्काल संबंधी तहसील में आपूर्ति कार्यालय व जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय शामली में कार्ड में अंकित यूनिटों में अवने आधार कार्ड व महिला मुखिया का बैंक खाता संख्या नंबर लिंकिज कराए। अन्यथा ऐसे राशन कार्डों लिंकिज न होने पर इन राशन कार्ड धारकों को खाद्यान्न मिट्टी का तेल प्राप्त करने असुविधा होगी। राशन कार्ड में आधार कार्ड लिंकेज न होने पर समझा जाएगा कि ऐसे कार्ड धारी परिवार सदस्य संबंधी ग्राम व नगर में नहीं रहते हैं। ऐसे कार्डों व यूनिट को चिह्नित कर निरस्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।