शिक्षामित्रों का अनिश्चित कालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार से दस हजार का फैसला वापस लेने और बीएसए को ज्ञापन देकर मांगों को पूरी करने की मांग की। उधर, देर शाम शिक्षामित्र संगठन के प्रदेश प्रवक्ता नाजिम ने बताया कि शनिवार को बीएसए कार्यालय पर होने वाला धरना स्थगित कर दिया गया है।
शुक्रवार को बीएसए कार्यालय बनत में शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। अध्यक्ष चैनपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के प्रांतीय नेतृत्व के साथ हुई बैठक में दिए गए मांग पत्र पर विचार करते हुए निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया था। अपर सचिव के साथ भी कई बार वार्ता के बाद भी आश्वासन दिया गया था। जिसके बाद भी शिक्षामित्रों के प्रांतीय नेेतृत्व की सहमति के बिना ही पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर कैबिनेट बैठक में सहमति प्राप्त बिंदुओं को छोड़कर 10 हजार मानदेय का प्रस्ताव पास कर शिक्षकों को मायूस किया गया। शिक्षामित्रों ने बीएसए चंद्रशेखर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द दिए गए मांग पत्र के अनुसार ही समाधान करने व दस हजार का फैसला वापस लेने की मांग की। बताया कि सभी शिक्षामित्र शनिवार को बीएसए कार्यालय से पैदल मार्च निकालकर कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे।
चेतावनी दी कि यदि प्रदेश सरकार जल्द से जल्द शिक्षामित्रों के पक्ष में कोई फैसला नहीं लेती तो सभी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। अध्यक्षता सुनील तोमर और संचालन अनिरुद्ध दीक्षित ने किया। इस दौरान अमित कुमार, उमा देवी, मीनाक्षी, दर्शन, इंदू सिंह, पद्मा, रेनू, सुनीता, कविता, आदि मौजूद रहे।