कैराना/शामली/ऊन।
जिले की तीनों तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 201 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से 13 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया।
कैराना तहसील सभागार में डीएम इंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान 53 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से आठ का मौके पर निस्तारण कराया गया। जबकि बाकी को एक सप्ताह में निस्तारण के लिए संबधित विभागीय अधिकारियों के पास भेज दिया। इस दौरान डीएम ने कहा कि समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गंभीरता से निस्तारण कराया जाए। शिकायत किसी भी पटल पर लंबित नहीं रहनी चाहिए। इस दौरान गांव ऐरटी निवासी वेदपाल ने नालो व तालाब की खुदाई कराए जाने की मांग की। कैराना के मोहल्ला आल दरम्यान निवासी अनीस ने विकलांग पेंशन दिलाए जाने की मांग की। कैराना निवासी अफसाना ने मोहल्ले में रखे जेनरेटर को बंद कराने की मांग की। गांव भूरा की ग्राम प्रधान रानी ने गांव के तालाब की 50 बीघा भूमि पर दबंगो द्वारा अवैध कब्जा करने की शिकायत की। सन्नो निवासी मंडावर ने लोहिया आवास योजना में बनाए जा रहे मकान की किश्त दिलाने की मांग की। इस दौरान एसपी, सीडीओ रेनू तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
उधर, ऊन तहसील में एडीएम की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस में 58 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें पांच का मौक पर निस्तारण करा दिया गया। इस दौरान उपजिलाधिकारी दुष्यंत कुमार मौर्य, अपर पुलिस अधीक्षक जगदीश शर्मा, सीओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, शामली तहसील में उपजिलाधिकारी सुरजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 90 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से एक भी शिकायत का मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। इस दौरान सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह, तहसीलदार सुरेंद्र कुमार, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नेतराम, पूर्ति निरीक्षक दीपा वर्मा सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।
दस अधिकारी रहे गैरहाजिर
कैराना। मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में 10 अधिकारियों के अनुपस्थित रहे। इनमें जिला कृषि अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, परियोजना अधिकारी, सहायक मत्स्य अधिकारी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, सचिव विकास प्राधिकरण, जिला उद्यान अधिकारी, प्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।