शामली। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे की शासन से मरम्मत की धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया है। उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से अभी तक निर्माण के लिए टेंडर छोड़ने की औपचारिकता भी पूरी नहीं हो पाई है। प्रदेश के गन्ना राज्य मंत्री सुरेश राणा के गृह जनपद में मार्ग की खस्ताहाल होने से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।
207 किलोमीटर लंबाई वाले दिल्ली यमुनोत्री हाईवे खस्ता हाल में है। गाजियाबाद जिले के लोनी, बागपत जिले के गौरीपुर, सरूरपुर कला, बावली एवं उत्तर प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री सुरेेश राणा के गृह जनपद शामली में एप्रोच रोड के अलावा ग्राम लिलौन, खेड़ी, सिक्का, हिंड पुलिया, हरड़ फतेहपुर, थानाभवन-जलालाबाद कस्बों के अलावा सहारनपुर जिले में जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली- यमुनोत्री हाईवे निर्माण की प्रक्रिया आठ वर्षों से चल रही है। इस मार्ग को राष्ट्रीय राज्य राजमार्ग प्राधिकरण को दिए जाने की की अनुमति कैबिनेट बैठक में दी जा चुकी है। शासन के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा दिल्ली- यमुनोत्री हाईवे का दौराकर 12 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत का विशेष मरम्मत का प्रस्ताव बनाकर साढ़े तीन माह पूर्व शासन को भेजा था। शासन ने एक माह पूर्व मरम्मत के लिए 12 करोड़ 73 लाख की धनराशि की स्वीकृति दी जा चुकी है। बरसात समाप्त होने को है, उपशा धनराशि स्वीकृति होने के बावजूद विशेष मरम्मत के लिए अभी तक टेंडर छोड़ने की प्रक्रिया शुरू नही कर पाई है। उपशा के तकनीकी महाप्रबंधक अतुल शर्मा ने बताया कि दिल्ली- यमुनोत्री हाईवे की विशेष मरम्मत का कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। बरसात के बाद दीपावली तक इस मार्ग की विशेष मरम्मत का कार्य पूरा हो पाएगा।