मकान की छतों, पार्क या फिर गलियों में टूटे फूटे बर्तन, टायरों, डिब्बों आदि में अब गंदा पानी जमा मिला तो संबंधित विभागाध्यक्ष से लेकर परिवार के मुखिया तक पर पांच हजार का जुर्माना लगेगा। आने वाले वायरल के सीजन से निपटने के लिए इस बार मलेरिया विभाग ने अपनी कमर कसी है। योजना को परवान चढ़ाने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए टीमों का गठन किया जा रहा है, जिसके बाद मच्छर जनित क्षेत्रों की मैपिंग की जाएगी।
दरअसल, हर साल जुलाई के बाद अगस्त और सितंबर में बीमारियों की बाढ़ सी आ जाती है। मच्छर डेगूं, मलेरिया और चिकनगुनिया फैलाते हैं। जिले में इन दो-तीन माह में कई मौतें हो जाती हैं। मच्छर पैदा होने का मुख्य कारण तीन से सात दिन तक एक जगह जमा हुआ पानी माना जाता है। इसके लिए परिवार के लोग तथा संबंधित लोग जिम्मेदार होते हैं। इसी पर नकेल कसने के लिए इस बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्लान तैयार किया गया है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यदि पानी एकत्र न हो तो मच्छर पैदा नहीं होंगे। इसके लिए शासन के आदेश पर पांच हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
कैसे पैदा होते हैं मच्छर
डॉक्टरों का कहना है कि पानी जो स्थिर तथा तीन दिन से ज्यादा पुराना है। उसमें मच्छर अपने अंडे दे देते हैं। इसके बाद वहां से सैकड़ों मच्छर पैदा होते हैं तथा वह काटते हैं। कूलर, टूटे-फूटे बर्तन, जिनको छत पर फेंक देते है या फिर बाहर, खुले में पड़े टायर, टूटे फूटे डिब्बे सहित कई स्श्रोत पानी एकत्र के होते हैं। जब बारिश होती है तो इनमें पानी भर जाता है और उसके बाद मच्छर पैदा होते है।
हर संडे मनाया जाएगा ड्राइ-डे के रूप में
जुलाई, अगस्त और सितंबर माह के हर रविवार को स्वास्थ्य विभाग ड्राइ डे के रूप में मनाएगा, ताकि पानी एकत्र नहीं हो सके। सामान्य अभियान चलाने के साथ ही एएनएम और आशा की टीम एक विशेष अभियान चलाकर इस तरह के जगहों को नष्ट करेगी और लोगों को समझाएगी की स्वयं इस तरह की पहल करके वह रविवार को ड्राई-डे के रूप में मनाएं।
पूरे जिले में किया जाएगा स्वास्थ्य टीमों का गठन
इसके लिए पूरे जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीमों का गठन किया जाएगा। जो अपने-अपने क्षेत्रों में गांव-गांव तथा वार्डों में जाकर लोगों के घरों में सर्वे करेंगी और उनको जागरूक करेगी कि पानी कहीं एकत्र न हो पाएं। इसके कुछ दिन बाद फिर टीम सर्वे करेगी यदि फिर वहां पर पानी एकत्र मिला, तो तब पांच हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा। गंदा पानी जमा होने में लापरवाही बरतने वाले संबंधित व्यक्ति चाहे वो सरकारी विभाग का ही क्यों न हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिसमें पांच हजार का जुर्माना लगाएगा जाएगा
-डा. विनय
जिला मलेरिया अधिकारी
शामली