जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों में प्रथम सत्र की परीक्षा बच्चों के बिना किताब पढ़े और बिना कोर्स पूरा हुए ही शुरू करा दी हैं। अधिकारियों की लापरवाही के चलते ज्यादातर कक्षाओं की काफी किताबें बनत स्थित प्राथमिक स्कूल के कमरे में कैद हैं।
परिषदीय स्कूलों में पाठ्यक्रम भेजने में कुछ तो शासन स्तर से ही लेटलतीफी हो जाती है। वहीं बाकी कसर शिक्षा विभाग पूरी कर देता है। नया सत्र संचालित हुए चार माह से ऊपर हो चुका है। वहीं परिषदीय स्कूलों में शनिवार से बिना कोर्स पूरा कराए और बच्चों के बिना किताब पढ़े ही परीक्षा भी शुरू करा दी गई है, लेकिन अभी तक अधिकतर स्कूलों के बच्चों को सभी विषयों की किताबें ही नहीं मिल पाई हैं। अब तक भी कक्षा छह के बच्चों को किसी भी विषय की किताब नहीं मिली हैं। कक्षा-7 और 8 में भी कई विषय की किताब नहीं मिली। वहीं अंग्रेजी माध्यम से संचालित 40 स्कूलों में कोई किताब नहीं पहुंची। अन्य स्कूलों में भी कुछ विषय की किताब ही मिल पाई हैं।
किताब न मिलने और कोर्स पूरा नहीं होने के कारण शनिवार को कई स्कूल के बच्चे परीक्षा में बिल्कुल गोल नजर आए। कक्षा-3 की छात्रा सलोनी ठीक से हिंदी के अक्षर जोड़कर भी शब्द बनाकर नहीं लिख पाई। वहीं कक्षा-5 में भी बनत के एक स्कूल का छात्र लाल बहादुर शास्त्री का जन्म कहां हुआ था इसका भी ठीक उत्तर नहीं दे पाया। वहीं कई बच्चों ने मुहावरे भी गलत कर रखे थे। जबकि बनत स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर-1 के एक कमरे में कुछ समय से परिषदीय स्कूलों की लगभग 50 हजार किताबें कैद हैं। जिसमें कक्षा-7 की संस्कृत, कक्षा छह की संस्कृत विषय, कक्षा-4 की हिंदी, कक्षा-7 का विज्ञान, कक्षा-4 का सामाजिक विषय, कक्षा-5 की हिंदी व सामाजिक विषय, कक्षा-6 की गृह शिल्प, कक्षा-2 हिंदी, कक्षा-6 संस्कृत, कक्षा-3 की अंग्रेजी, कक्षा-6 हिंदी, पर्यावरण, स्काउट आदि विषय की किताबों के बंडल लगे हुए है। वहां मिले कुछ कर्मचारियों से किताबों को स्कूल में भेजने के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि अभी तो किताबों का सत्यापन ही नहीं हुआ है। सत्यापन के बाद किताबें पहले बीआरसी पर भेजी जाएगी। जिसके बाद बीआरसी से ही स्कूलों में पहुंचेगी। जिससे साफ नजर आ रहा है कि अभी कुछ समय सत्यापन में लगेगा। उसके बाद काफी दिनों तक किताबें ऐसे ही बीआरसी पर रखी रहेगी। करीब एक माह बाद ही यह किताबें बच्चों के पास तक पहुंचेगी।
कुछ किताबें शनिवार को आई हैं। कुछ पहले ही आग गई थीं। जल्द से जल्द सभी किताबों का जनपदीय समिति द्वारा सत्यापन कराते हुए बीआरसी भिजवा दिया जाएगा। जिसके तुरंत बाद वहां से स्कूलों में भिजवाकर बच्चों को वितरित करा दी जाएगी। - गीता वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी शामली