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जरा संभलकर चलिये, यहां खतरा ए-जान है...

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शामली।
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मेरठ-करनाल हाईवे पर काबड़ौत पुल वाहन चालकों के लिए किसी यमराज से कम नहीं है। कई बड़े हादसे इस पुल पर हो चुके हैं। जिसमें कई मौत और दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं।
मेरठ-करनाल फोरलेन हाईवे का निर्माण सपा सरकार ने पूरा कराया था। इस हाईवे पर वाहन दिन हो या रात फर्राटा भरते नजर आते हैं। इसी हाईवे पर काबड़ौत के पास काली नदी का पुल है। हाईवे तो फोरलेन हो गया, लेकिन दशकों पुराने इस काली नदी के पुल का चौड़ीकरण नहीं हुआ है, जिस कारण यह पुल संकरा है। सबसे बड़ी बात है कि इस पुल के दोनों ओर तेज घुमाव है। इसी कारण यहां पर हादसे होते रहते हैं। पूर्व में यहां पर एक ट्रक तेज घुमाव के चलते काली नदी में गिर गया था। जिसमें चालक-हैल्पर की मौत हो गई थी। इसके अलावा कई महीनों पहले एक कार भी तेज घुमाव होने के चलते नदी में उतर कर पलट गई थी। यही नहीं बाइकों के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में यहां पर रोजाना होते हैं। मंगलवार की रात्रि भी इसी पुल के पास घुमाव के चक्कर में एक ओर बड़ा हादसा हुआ, जिसमें दो लोग जिंदा जल गए।
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उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह ने बताया कि मेरठ-करनाल हाईवे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में प्रस्तावित है, शासन से इसकी सैद्घांतिक मंजूरी मिल चुकी है, इस पुल के संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ही कार्रवाई करेगी।
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