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पुलवामा में शहीद प्रदीप के बेटे सिद्धार्थ ने गाजियाबाद में मांगी नौकरी

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पुलवामा में शहीद प्रदीप के बेटे सिद्धार्थ ने गाजियाबाद में मांगी नौकरी
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। पुलवामा में शहीद कस्बा बनत के जवान प्रदीप के बेटे सिद्धार्थ ने इंटर पास कर नौकरी के लिए आवेदन कर दिया है। उसने डीएम को अपनी पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए शामली की बजाय गाजियाबाद जिले में विकास विभाग या व्यापार कर विभाग में नौकरी के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। डीएम ने उसका आवेदन शासन को भेज दिया है।
शासन ने पुलवामा में शहीद हुए जवानों के आश्रित परिजनों को आर्थिक मदद के साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी। शामली जिले में दो जवान शहीद हुए थे। इनमें शामली के अमित कुमार और बनत कस्बे का प्रदीप कुमार शामिल थे। अमित के आश्रितों को आर्थिक मदद और सर्विस दोनों मिल गई थी। प्रदीप के परिजनों को आर्थिक मदद तो मिल गई थी, लेकिन प्रदीप के बेेेटे सिद्धार्थ की नौकरी के लिए न्यूनतम इंटर पास की अर्हता पूरी नहीं थी। उसने पिता की शहादत के बाद ही इंटर की परीक्षा दी थी।
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मई में उसने ये परीक्षा 85 प्रतिशत अंकों से पास कर ली है। इसके बाद पिछले दिनों सिद्धार्थ ने परीक्षाफल के साथ शामली जिलाधिकारी के यहां अपनी नौकरी का आवेदन किया । बकौल सिद्धार्थ उसने आवेदन में बताया कि वो अपने छोटे भाई और माता के साथ गाजियाबाद में पढ़ता है। उसका भाई वहां केंद्रीय विद्यालय में पढ़ता है। उसकी मम्मी की तबियत भी खराब रहती है और गाजियाबाद में उनका उपचार चल रहा है। उनकी देखभाल का पूरा दायित्व उसी पर है। यदि वो शामली में नौकरी करता है तो अपने भाई और मम्मी की देखभाल नहीं कर सकेगा, इसलिए उसने गाजियाबाद जिले में ही नौकरी का अनुरोध किया है। उसने जिलाधिकारी से गाजियाबाद के वाणिज्य कर विभाग में कनिष्ठ लिपिक या विकास विभाग में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कराने का सुझाव भी दिया है। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि शहीद प्रदीप शामली जिले के बनत कस्बे के निवासी थे। इसलिए नियमानुसार उनके आश्रितों को शामली जनपद में ही नौकरी का प्रावधान है, लेकिन सिद्धार्थ ने अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के कारण गाजियाबाद जनपद में नौकरी का आवेदन किया है। ये शासन स्तर से ही संभव है, इसलिए उन्होंने सिद्धार्थ के आवेदन को अग्रिम कार्यवाही के लिए शासन को भेज दिया है।
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