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100 किसानों के खातों पर पहुंची कृषि यंत्रों की सब्सिडी

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इंतजार खत्म ,किसानों के खाते में पहुंची सब्सिडी
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शामली। कृषि यंत्र खरीदने के बाद भी पांच महीने से सब्सिडी का इंतजार कर रहे किसानों को आखिर राहत मिल गई। सरकार ने 100 किसानों की सब्सिडी जारी करते हुए उसकी रकम सीधे किसानों के खाते में भेज दी है।
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प्रदेश सरकार ने इस बार किसानों के लिए ट्रैक्टर कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी का ऑफर दिया था। एक यंत्र की खरीद पर 50 प्रतिशत तक और तीन यंत्रों की खरीद पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी गई थी। किसानों को कृषि विभाग द्वारा अधिकृत किसी भी डीलर के यहां से कृषि यंत्र खरीदकर उसके बिल कृषि विभाग में जमा कराने थे। भारी भरकम सब्सिडी होने की वजह से बड़ी संख्या में किसानों ने आवेदन किए। कृषि विभाग के अनुसार जांच पड़ताल के बाद जिले में 354 किसानों को सब्सिडी के लिए योग्य माना गया। सरकार ने इनमें से 250 किसानों की सब्सिडी जारी कर उसकी धनराशि किसानों के खातों में भेज दी थी लेकिन 104 किसान सब्सिडी से वंचित रह गए थे। अच्छी खासी सब्सिडी होने की वजह से इनमें से बहुत से किसानों ने तो इधर उधर से रिश्तेदारों से रकम उधार लेकर यंत्र खरीदे थे, लेकिन सब्सिडी ना आने की वजह से ये लोग उधार ली गई रकम भी नहीं लौटा पा रहे थे। आए दिन ये कृषि विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। किसानों का दबाव बढ़ता देेख कृषि विभाग के अधिकारी भी कृषि निदेशालय को रिमाइंडर भेज रहे थे। प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा से भी किसान मिले थे। राणा ने भी इसके लिए शासन स्तर में प्रयास किए। इसी का नतीजा रहा कि शासन ने 100 किसानों की रुकी सब्सिडी जारी कर दी है। कृषि उपनिदेशक शिव कुमार केसरी के अनुसार जिले में कुल 354 किसानों को सब्सिडी का लाभ मिलना था। इनमें से केवल 104 किसानों को छोड़कर सबकी सब्सिडी खातों में आ गई थी। मार्च के अंतिम दिनों में सरकार ने इनमें से 100 किसानों की सब्सिडी जारी कर दी थी, जिनकी धनराशि सीधे किसानों के खातों में पहुंच गई है। केवल चार किसान बचे हैं। उनकी बैंक एकाउंट संबंधी तकनीकी खराबी की वजह से समस्या है। इसके लिए लखनऊ कृषि निदेशालय को अवगत करा दिया गया है। संभावना है कि उनकी सब्सिडी भी जल्द आ जाएगी।
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